10वीं की छात्रा का दिल दहला देने वाला सूइसाइड नोट, स्कूल के बाथरूम में की थी आत्महत्या

शुक्रवार को कोलकाता के एक प्रतिष्ठित स्कूल के बाथरूम में एक 14 वर्षीय दसवीं की छात्रा का शव बरामद किया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि छात्रा ने सूइसाइड किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्रा दवसीं में पढ़ती थी। वह स्कूल के बाथरूम में बेसुध मिली थी। उसने अपनी बायीं कलाई की नस काटी थी और अपने सिर को प्‍लास्टिक की थैली से ढक लिया था। प्लास्टिक को उसने अपनी यूनिफॉर्म की शर्ट से कवर कर लिया था ताकि उसका दम घुट सके। लेकिन जो बात पुलिस अधिकारियों को सबसे ज्यादा अखरी, वह था उसका 3 पन्नों का सूइसाइड नोट। इसमें उस छात्रा ने अपने सूइसाइड की वजह लिखी थी।
मौके पर मिले सूइसाइड नोट को पढ़कर सबका दिल दहल गया। सूइसाइड नोट में लिखा था कि 'मेरा अंतिम संस्कार बहुत अच्छे से करना। मेरी मरने की इच्छा तब से थी, जब मैं कक्षा एक में पढ़ती थी...'

छात्रा की अंतिम इच्छाओं का सम्मान करते हुए, उसके परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों ने शनिवार को उसे अंतिम विदाई दी। उसका शव बरुईपुर के कीर्तनखोला श्मशान में शाम को साढ़े तीन बजे ले जाया गया। यहां पर परिवार के लोग और उनके बहुत करीबी दोस्त शामिल हुए। इससे पहले दोपहर में पोस्टमॉर्टम के बाद लड़की का शव एसएसकेएम अस्पताल में परिजनों को सौंप दिया गया था।क्या लिखा था सूइसाइड नोट में?

अंग्रेजी में लिखे सूइसाइड नोट के पहले 2 पन्नों में लड़की बताती है कि कैसे उसने मायावी नींद के इंतजार में अपनी रातें बिताई थीं। उसने इसमें लिखा कि वह जब कक्षा एक में थी तब से वह मरना चाहती थी। छात्रा ने सूइसाइड नोट में अपने उस दर्द के बारे में लिखा जो उसने खुद को मारने के प्रयास के दौरान लिखा। उसकी कलाई से खून टपक रहा था और ऑक्सिजन की चाह में उसकी सांसें किस तरह से टूट रही थीं। सूइसाइड नोट का यह हिस्सा उसने बाथरूम के अंदर कंपकपाते हाथों से लिखा था जबकि पहले दो पेज स्थिर हाथ से लिखे गए थे।

विशेषज्ञों ने बताया कि वह सूइसाइड नोट का विश्लेषण कर रहे हैं। विश्लेषण से वह यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उसे मरने के लिए इस तरह के हिंसक तरीके से चुनने के लिए क्या प्रेरित किया गया था?