इस कोरोनाकाल में मरीजों के लिए सबसे जरूरी हैं एंबुलेंस जो उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करती है। लेकिन कई एंबुलेंस संचालक मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए मनमर्जी रकम वसूल रहे हैं। इसपर जयपुर कलेक्टर अन्तर सिंह नेहरा ने निर्देश दिए हैं कि अगर किसी वाहन चालक के खिलाफ इस तरह की शिकायत मिली तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। कोविड के मरीजों, उनके शव को लाने-ले जाने वाले वाहनों, एम्बुलेंस का किराया निर्धारित दरों से अधिक नहीं वसूला जा सकता हैं। नेहरा ने बताया कि प्रदेशिक परिवहन कार्यालय इस संबंध में पहले से ही किराये का निर्धारण कर रखा है।
निर्धारण के तहत पहले 10 किलोमीटर तक का किराया 500 रुपए देना होगा, जिसमें वाहन का आना-जाना शामिल रहेगा। 10 किलोमीटर के बाद मारूति वैन, मार्शल, मैक्स आदि वाहनों का किराया प्रति किमी 12.50 रुपए और टवेरा, इनोवा, बोलेरो, कूर्जर, रायनो आदि वाहनों का किराया 14.50 प्रति किलोमीटर, जबकि अन्य बड़े एम्बुलेंस/शव वाहनों का किराया 17.50 प्रति किलोमीटर निर्धारित है। कलेक्टर ने बताया कि कोविड के मरीज अथवा शव को लाने-ले जाने के लिए एम्बुलेस चालक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रति चक्कर पीपीई किट एवं सैनिटाइजेशन के खर्चे के रूप में 350 रुपए अतिरिक्त देय होंगे। उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस तथा शव वाहनों को प्रथम 10 किलोमीटर के अतिरिक्त अधिक चलने वाली दूरी को दो गुणा (आने व जाने) करने के बाद कुल किलोमीटर की गणना की जाएगी।