हरियाणा (Haryana) की 90 विधानसभा सीटों पर मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में भाजपा को 43 सीटें पर बढ़त मिली है। वहीं कांग्रेस 27 सीटों पर आगे है। हरियाणा में अभी भाजपा की सरकार है। लेकिन रुझानों पर जेजेपी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस 40 सीटों को पार नहीं करेगी, सत्ता की चाबी जेजेपी के पास होगी। 26-27 सीटों पर हमारी सीधी लड़ाई है।
बीजेपी या कांग्रेस से गठबंधन के सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि नतीजे आने के बाद हम विधायक दल की बैठक करेंगे। उसमें फैसला लिया जाएगा। एग्जिट पोल के नतीजों पर गौर करें तो दुष्यंत चौटाला की भूमिका हरियाणा की राजनाति में बड़ी महत्वपूर्ण होने वाली है। उनके इस बयान का यह मतलब भी निकाला जा सकता है कि हरियाणा पर किए गए एग्जिट पोल पर दुष्यंत चौटाला को भरोसा है।
हरियाणा में दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के हाथ में सत्ता की चाबी होगी। यह बात आजतक-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल से निकलकर आई है। एग्जिट पोल के मुताबिक किसी को भी बहुमत मिलता नहीं दिख रहा। एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी के लिए अच्छी खबर नहीं है वहीं, कांग्रेस को फायदा होता दिख रहा है। एग्जिट पोल के मुताबिक राज्य में त्रिशंकु विधानसभा हो सकती है। पोल के मुताबिक राज्य में बीजेपी को 32-44 सीटें, कांग्रेस को 30-42 सीटें और जेजेपी को 06-10 सीटें मिलती दिख रही हैं।
पोल के मुताबिक किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। ऐसे में 6-10 सीटें हासिल करती दिख रही जेजेपी किंग मेकर की भूमिका में आ सकती है। हिसार, रोहतक और करनाल में मजबूत पकड़ के कारण चौटाला और जाट वोट जेजेपी की तरफ जाता दिख रहा है। यही कारण है कि जेजेपी 10 सीट तक हासिल करती दिख रही है। बता दें कि एग्जिट पोल के आंकड़े के मुताबिक 31 फीसदी जाट वोट जेजेपी को मिलता दिख रहा है।आपको बता दे, 21 अक्टूबर को हुए चुनाव में 68.31% वोटिंग हुई थी। यह पिछली बार के 76.13% के मुकाबले करीब 8% कम रही। हालांकि, हरियाणा में वोट प्रतिशत बदलने से कभी यह तय नहीं होता कि राज्य में कौन सी पार्टी सरकार बनाएगी।1966 में हरियाणा के गठन के बाद 1967 के पहले ही चुनाव में 72.75% वोटिंग हुई और कांग्रेस सत्ता में आई। जबकि 1968 में हुए मध्यावधि चुनाव में 57.26% वोटिंग हुई, लेकिन सरकार नहीं बदली। 1977 में 64.46% वोटिंग में भी हरियाणा की जनता ने सरकार बदली और जनता पार्टी को 90 में 77 सीटें दे दीं। 1987 में 71.24 तो 1991 में 65.86% वोटिंग हुई। दोनों ही दफा सत्ता परिवर्तन हुआ। 2014 में हरियाणा में रिकॉर्ड 76.13% वोटिंग हुई और सरकार बदल गई। हरियाणा की 90 सीटों पर 1169 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। 2014 में 1351 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। भाजपा, कांग्रेस ने सभी 90 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे तो जेजेपी के 89 उम्मीदवार मैदान में थे।