कुंभ में मां गंगा की कृपा से कोरोना नहीं फैलेगा, मरकज से तुलना करना गलत: उत्तराखंड CM

देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच धर्मनगरी हरिद्वार में महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। महाकुंभ में कोरोना संक्रमण के हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक महाकुंभ में शामिल 100 तीर्थयात्रियों और 20 संतों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इन आंकड़ों ने शासन-प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि 12 और 13 अप्रैल को लाखों की संख्या में श्रद्धालु शाही स्नान करने के लिए हरिद्वार कुंभ पहुंचे थे। ऐसे में यहां कोरोना स्प्रेड होने की बड़ी आशंका बनी हुई है। वहीं, इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कुंभ और कोरोना को लेकर बेतुका बयान दिया है। रावत ने कहा है कि कुंभ में मां गंगा की कृपा से कोरोना नहीं फैलेगा। साथ ही कहा है कि कुंभ और मरकज की तुलना करना गलत है। रावत के मुताबिक पिछले साल दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से कोरोना बंद कमरे से फैला, क्योंकि वहां सभी लोग एक कमरे में थे, जबकि हरिद्वार में कुंभ क्षेत्र नीलकंठ और देवप्रयाग तक खुले वातावरण में है।

कुंभ में उमड़ी लाखों की भीड़ और कोरोना गाइडलाइन का पालन न होने पर उठ रहे सवालों पर रावत ने कहा, 'हरिद्वार में 16 से ज्यादा घाट हैं। इसकी तुलना मरकज से नहीं की जा सकती।’ बता दें कि कुंभ में बुधवार को तीसरा शाही स्नान चल रहा है। इससे पहले सोमवार को हुए शाही स्नान के दौरान कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं हुआ था। सोमवार के शाही स्नान में 35 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। इनमें से 18,169 लोगों की जांच हुई, जिनमें 102 संक्रमित मिले। प्रशासन का दावा है कि कुंभ क्षेत्र में उन्हीं श्रद्धालुओं को एंट्री दी जा रही है, जिनके पास RT-PCR निगेटिव रिपोर्ट है। लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। केंद्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि कुंभ कोरोना का सुपर स्प्रेडर बन सकता है। राज्य को सावधानी रखनी चाहिए।

आपको बता दे, कुंभ मेले में भीड़ बढ़ने के साथ सोशल मीडिया पर यह बहस भी तेज होती जा रही है कि पिछले साल दिल्ली में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में महज 2,000 लोगों के जमावड़े को सुपर स्प्रेडर बताया गया था, लेकिन कुंभ को लेकर खामोशी है। दिल्ली वक्फ बोर्ड के सदस्य हिमाल अख्तर कहते हैं कि कि पिछली बार तब्लीगी जमात पर कोरोना फैलाने का जो आरोप मढ़ा गया था, वह गलत था। वहां, लोग कोरोना बढ़ने से पहले ही आ चुके थे। अचानक आवाजाही रुकने और पहले का कोई अनुभव न होने की वजह से लोग इधर-उधर भागे। लेकिन इस बार तो अनुभव भी है। कुंभ में बेहिसाब भीड़ जुट रही है, क्या कोरोना वहां नहीं पहुंचेगा? क्या कुंभ के बाद लोग अलग-अलग राज्यों में नहीं जाएंगे? क्या तब्लीगी जमात ही कोरोना स्प्रेडर थी?

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि कुंभ से लौटने वाले लोग कोरोना के स्प्रेडर बन सकते हैं। राउत का कहना है कि शिवसेना की सरकार को त्योहारों पर प्रतिबंध लगाने का दुख है, लेकिन लोगों की जिंदगी बचाने के लिए यह जरूरी है। वहीं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और NCP प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि कुंभ और चुनावी रैलियों के चलते महामारी की स्थिति और बिगड़ेगी। कांग्रेस नेता और मंत्री असलम शेख का कहना है कि राज्य सरकार को हरिद्वार से लौटने वालों के लिए गाइडलाइन तय करनी होंगी।

24 घंटे में मिले 1.85 लाख मरीज

कोरोना वायरस की दूसरी लहर देश में कहर ढा रही है। कोरोना हर दिन अपना रिकॉर्ड तोड़ रहा है। पहली बार देश में 24 घंटे के अंदर रिकॉर्ड 1 लाख 85 हजार 104 नए मरीज मिले। 82 हजार 231 ठीक हुए और 1,026 की मौत हो गई। इस तरह एक्टिव केस, यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 1 लाख 1 हजार 835 की बढ़ोतरी हुई। नए मरीजों का आंकड़ा तो हर दिन नई ऊंचाई हो छू रहा है, लेकिन पहली बार एक्टिव केस में भी एक लाख से ज्यादा की बढ़ोतरी होना चिंताजनक है। मौत का आंकड़ा भी इस साल पहली बार 1,000 के पार गया है। पिछले साल महामारी की पहली लहर में सबसे ज्यादा 1,281 मौतें 15 सितंबर को हुई थीं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक 1 करोड़ 38 लाख 70 हजार 731 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। महामारी से मरने वालों की कुल संख्या 1 लाख 72 हजार 114 हो गई है। अब तक 1 करोड़ 23 लाख 32 हजार 636 लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो चुके हैं। एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 13 लाख 60 हजार 330 हो गई है। बढ़ते मरीजों के साथ ही ठीक होने की दर में और गिरावट आई है। अब यह 89.51% रह गई है। कोरोना मृत्यु दर 1.25% है।