भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा खत्म किए जाने का जो फैसला लिया है उससे सबसे ज्यादा परेशानी पाकिस्तान को हो रही है। पाकिस्तान बौखलाहट में कुछ ऐसे फैसले ले रहा है जिसका नुकशान खुद को उठाना पड़ रहा है। पाकिस्तान ने गुरुवार को समझौता एक्सप्रेस पर रोक लगा दी वही अब खबर आ रही है कि पाकिस्तान ने मुनाबाव-खोखरापार ट्रेन सेवा रद्द कर दी है। इसके साथ ही थार एक्सप्रेस को रोकने का फैसला किया गया है। राजस्थान के जोधपुर से थार एक्सप्रेस पाकिस्तान जाती है। इसके साथ ही उसने कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में उठाने का भी फैसला किया है।
पाकिस्तान की बौखलाहट को देखते हुए शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया के सामने अपनी स्थिति बता दी है कि हमने जो भी फैसला लिया है, वह हमारा आंतरिक मामला है। रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान जो अभी कदम उठा रहा है, वह उसकी बौखलाहट है। रवीश कुमार ने कहा भारत के कदमों पर पाकिस्तान बेवजह परेशान है और उसे अपने हाल के निर्णयों पर दोबारा विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेशों के अनुरूप कूलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस देने के लिए राजनयिक संपर्क के जरिए पाकिस्तान के साथ बातचीत जारी है।
पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद करने की खबर पर रवीश कुमार ने कहा कि इसको लेकर पाकिस्तान ने खुद ही सफाई दे दी है। एयरस्पेस को बंद नहीं किया गया है, बल्कि उसके कुछ रूट में बदलाव किया गया है। रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान जो भी फैसले ले रहा है, हमने उनसे उन फैसलों पर विचार करने को कहा है। वो सिर्फ ये फैसले इसलिए ले रहा है ताकि दुनिया को इस ओर आकर्षित कर सके।
समझौता एवं थार एक्सप्रेस पर रोक लगाने के पाकिस्तान के फैसले पर रवीश कुमार ने कहा, 'पाकिस्तान ने बिना हमसे बात किए ये एकतरफा कार्रवाई की है। हमने उनसे अपने फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए कहा है। हमारा मानना है कि पाकिस्तान ये कदम इसलिए उठा रहा है ताकि वह दिखा सके कि आपसी संबंध बहुत खराब हो गए हैं।' पाकिस्तान की ओर से एयरस्पेस बंद किए जाने के सवाल पर रवीश कुमार ने कहा कि एयरस्पेस बंद नहीं हुआ है केवल उड़ानों का मार्ग बदला गया है।
पाकिस्तान में भारतीय राजदूत के बारे में प्रवक्ता ने कहा कि वह दिल्ली में नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमने पाकिस्तान से अपने फैसले की समीक्षा करने के लिए कहा है। उनकी वापसी के समय के बारे में बाद में फैसला किया जाएगा।' यह पूछने पर कि कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव का असर क्या कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर मदद देने पर पड़ेगा। इस पर रवीश कुमार ने कहा कि आईसीजे के आदेशों के अनुरूप जाधव को कॉन्सुलर मदद देने के लिए पाकिस्तान के साथ राजनयिक संपर्क जारी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान को इस वक्त अपने देश के विकास पर ध्यान देना चाहिए और क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद पर रोक लगानी चाहिए। पाकिस्तान को इस बात को समझना चाहिए कि हमने जो भी फैसला लिया है, वह हमारा आंतरिक मसला है। वहीं पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि वहां के लोग लगातार पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, उनकी समस्या को हल किया जाना चाहिए। हालांकि, भारत की PoK को लेकर क्या रणनीति होगी, उन्होंने उसका खुलासा करने से मना कर दिया।
वही इन सबके बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने भारत को धमकी भी दे दी। गुरुवार को कुछ सीनियर पत्रकारों से मुलाकात के दौरान इमरान खान ने कहा पाकिस्तान भारत से जंग नहीं चाहता, अगर युद्ध हुआ तो वो भारत को करारा जवाब देंगे।
दो दिन पहले पार्लियामेंट के ज्वाइंट सेशन में विपक्ष के नेता और पीएमएल-एन के नेता शहबाज शरीफ ने कहा था कि पाकिस्तान सरकार को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने के मामले में तीखी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। इसके जवाब में इमरान खान ने शरीफ की मांग पर पूछा कि विपक्ष के नेता क्या चाहते हैं? क्या मुझे पाकिस्तानी सेना को भारत पर हमले का आदेश दे देना चाहिए? वही मंगलवार को इमरान खान सरकार के मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि संसद में बेकार के विषयों पर उलझने के बजाय हमें भारत का जवाब खून, आंसू और पसीने से देना होगा। हमें जंग के लिए तैयार रहना होगा। इमरान ने गीदड़ भभकी देते हुए ये भी कहा था कि वो जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के कारण भारत में पुलवामा जैसी घटनाएं होंगी। उन्होंने ये भी कहा कि हम इस मामले को संयुक्त राष्ट्र लेकर जाएंगे।