उदयपुर : घरवालों ने नहीं ली कैदी बेटे की लाश, अपने ही पिता की हत्या के मामले में था दोषी

किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिवार उसका अंतिम संस्कार करता हैं। लेकिन उदयपुर सेंट्रल जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे एक कैदी के परिवार ने कैदी का शव लेने से मना कर दिया जिसकी रविवार को मौत हो गई। कैदी अपने पिता की हत्या मामले में दोषी था। कैदी की मौत के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वह अपने पिता का हत्यारा था। इसलिए हमारा उससे कोई रिश्ता नहीं। इसके बाद जेल प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए कैदी का शव बैकुंठ मुक्तिधाम भेज दिया है।
डिप्टी जेलर हेमंत कुमार ने बताया कि कैदी भटरू 2016 से उदयपुर जेल में सजा काट रहा था। उसी टीबी की बीमारी थी। इसके चलते वह कई दिनों से बीमार चल रहा था। 17 दिसंबर की रात उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। उसे महाराणा भूपाल चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया था। वहीं रविवार को भटरू की मौत हो गई। लेकिन, इसके बाद भटरू के परिजनों ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया। परिजनों ने लिखित में शव लेने से मना किया था। इसके बाद जेल प्रशासन द्वारा भटरू का शव अंतिम संस्कार के लिए बैकुंठ धाम संस्थान को सौंपा गया।