PM मोदी ने बताई Man Vs Wild शो में जाने की क्या थी वजह...

डिस्कवरी चैनल (Discovery) के चर्चित शो में से एक 'मैन वर्सेज वाइल्ड' (Man vs Wild) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) खास मेहमान बनकर शरीक हुए। डिस्कवरी चैनल के 'मैन वर्सेस वाइल्ड विद बियर ग्रिल्स (Bear Grylls) एंड प्राइम मिनिस्टर मोदी' में दोनों ने उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों में ठंड और बारिश की मार झेली। ग्रिल्स का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी बेहद ऊर्जावान और उत्साही हैं। वही आईएएनएस के साथ खास बातचीत में नरेंद्र मोदी ने Man Vs Wild शो में जाने की वजह बताई। बातचीत के दौरन मोदी से पूछा गया कि आप 'मैन वर्सेज वाइल्ड' में नजर आए हैं। बतौर एक राजनेता इस बेहद अपरंपरागत शो में आने का क्या कारण रहा?

इस सवाल के जवाब में मोदी ने कहा -


कई बार किसी परंपरागत मुद्दे को उजागर करने के लिए कुछ अपरंपरागत करना अच्छा होता है। मुझे लगता है कि सही उद्देश्य के लिए बात करने और काम करने के लिए हर वक्त सही होता है।

हर समुदाय, हर राज्य, हर देश, हर क्षेत्र के लिए कोई न कोई प्रमुख मुद्दा होता है। लेकिन मेरा मानना है कि पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा समूह विशेष के सभी मुद्दों को मिलाकर देखा जाए तो उससे भी ज्यादा बड़ा होता है। यह आज हमारी धरती के हर इंसान, हर वनस्पति और हर पशु को प्रभावित कर रहा है। यह मनुष्य की परीक्षा की घड़ी है कि हम कितनी जल्दी और कितने प्रभावी तरीके से अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर पूरे विश्व के भले के बारे में सोचें।

भारत की प्रकृति के साथ सद्भावनापूर्व तरीके से रहने की महान परंपरा रही है। पूरे देश में, राज्यों में और विभिन्न संस्कृतियों में प्रकृति के विभिन्न पहलुओं को पवित्र माना जाता है। यह परंपरा स्वत: ही इसके संरक्षण में मदद करती है। एक प्रकार से यह हमारे देश में प्राकृतिक रूप से बना संरक्षण तंत्र है। हमारी परवरिश ही ऐसी है कि हमें प्रकृति के साथ मिलजुल कर रहने की सीख मिली हुई है। हमें केवल इन आदर्शो को याद रखने की जरूरत है।

मुझे लगता है कि हम इसमें सफल भी हुए हैं, क्योंकि हाल ही में जारी हुए आंकड़े दिखाते हैं कि बाघों की संख्या में प्रभावशाली रूप से वृद्धि हुई है। यह कार्यक्रम भारत के सुंदर और समृद्ध वनस्पति जगत और जीव-जंतुओं को दुनियाभर में दर्शाने का एक माध्यम रहा। भारत में प्रकृति प्रेमियों के लिए असंख्य स्थान हैं, ऐसे तमाम स्थान हैं, जो विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों, विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों से समृद्ध हैं।

पिछले पांच सालों में देश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मुझे पूरा भरोसा है कि बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गईं विभिन्न योजनाओं के साथ हम अतुल्य भारत की सुंदरता का अनुभव करने के लिए दुनियाभर से और भी ज्यादा पर्यटकों को आते देखेंगे।

बता दे, डिस्कवरी चैनल पर सोमवार को प्रदर्शित हुए चर्चित शो 'मैन वर्सेज वाइल्ड' (Man vs Wild) में बेयर ग्रिल्स के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नजर आए। इस दौरान पीएम मोदी ने बेयर ग्रिल्स (Bear Grylls) को अपने जीवन जुड़ी कई बातें बताई। कार्यक्रम के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने बचपन के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि उनका बचपन बड़ी गरीबी में बीता। वह गुजरात में अपने परिवार के साथ रहते थे। पीएम मोदी ने बताया कि गरीब परिवार से ताल्लुक रखने के कारण उनके पास नहाने और कपड़े धोने के साबुन के भी पैसे नहीं होते थे। ऐसे में वह ओस की सुखी हुई परतों को पानी में गर्म करके उसका इस्तेमाल नहाने और कपड़े धोने के लिए करते थे।

शो के दौरान प्रधानमंत्री के रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने का भी जिक्र आया। बेयर ग्रिल्स ने कहा कि आपके लिए रेलवे स्टेशन काफी खास होगा, जिसका जवाब पीएम मोदी ने हां में दिया। पीएम मोदी ने कहा कि उनके पिता रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे। वह स्कूल से आकर अपने पिता की मदद किया करते थे।

बेयर ग्रिल्स के साथ शो को प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 18 सालों में अपनी पहली छुट्टी बताया। बेयर ग्रिल्स ने पीएम मोदी से सवाल पूछा कि उनके मन में पहली बार प्रधानमंत्री बनने का ख्याल कब आया। इस पर मोदी ने कहा कि वे करीब 13 साल एक राज्य के सीएम रहे। इसके बाद देश की जनता ने पीएम बना दिया। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने हमेशा विकास पर ध्यान दिया। अगर इसे (शो को) वेकेशन कहें तो 18 साल में यह उनका पहला वेकेशन है।

शो के दौरान बेयर ग्रिल्स ने पीएम मोदी से पूछा कि अगर आप दुनिया को कोई संदेश देना चाहेंगे तो वह क्या होगा? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि प्रकृति से कुछ भी लेते हैं तो सोचें कि 50 साल बाद जो बच्चा होगा वो पूछेगा कि मेरे हक की हवा क्यों खराब कर रहे हो। मैं शाकाहारी हूं, प्राणी के लिए प्रकृति का महत्व मुझे पता है। पीएम मोदी ने कहा हमें अपने जीवन को टुकड़ों-टुकड़ों में बांट कर नहीं दखना चाहिए। जब हम अपने जीवन में समग्र में देखते हैं जो उसमें उतार चढ़ाव दोनों होता है। अगर आप उतार पर हैं तो उसके बारे में ज्यादा मत सोचिए, क्योंकि ऊपर चढ़ने का रास्ता वहीं से शुरू होता है।