कोवीशील्ड क्या है और किसे नहीं लगवानी चाहिए ये वैक्सीन, जरुरी जानकारी

सरकार ने इसके लिए ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की बनाई कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड और भारत बायोटेक की बनाई स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन को चुना है। भारत में 16 जनवरी को कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू हो रही है। भारत सरकार ने पहले फेज में 1.1 करोड़ कोवीशील्ड का ऑर्डर पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को दिया है। ऐसे में कोवीशील्ड वैक्सीन बना रहे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने फैक्टशीट जारी की है। इसमें उसने इस वैक्सीन के बारे में जरुरी जानकारी दी है।

कोवीशील्ड क्या है?

यह कोरोनावायरस को रोकने के लिए बनी एक वैक्सीन है, जिसे भारत में ड्रग रेगुलेटर ने 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को लगाने की सीमित मंजूरी दी है।

किन लोगों को कोवीशील्ड वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए?

- अगर आपको इस वैक्सीन के पहले डोज से कोई एलर्जिक रिएक्शन हुआ है।
- अगर आपको इस वैक्सीन में इस्तेमाल किसी सामग्री से पहले कोई गंभीर एलर्जी हुई है।

कोवीशील्ड वैक्सीन से जुड़े जोखिम क्या हैं?


सामान्य साइड इफेक्ट (10 में से 1 व्यक्ति में दिखे)

- इंजेक्शन जहां लगा था वहां दर्द, गर्माहट, सूजन या घाव, लालिमा
- तबीयत ठीक नहीं लगना
- थकान महसूस होना (कमजोरी)
- कंपकंपी या बुखार महसूस होना
- सिरदर्द
- जोड़ों में दर्द या मांसपेशियों में दर्द
- इंजेक्शन लगने की जगह पर गांठ बनना
- बुखार
- फ्लू जैसे लक्षण- तेज बुखार, गले में खराश, बहती नाक, खांसी या कंपकंपी

यह लक्षण असामान्य हैं (100 में से 1 व्यक्ति को होते हैं)

- चक्कर आना
- भूख कम लगना
- पेटदर्द
- फूले हुए लिम्फ नोड्स
- अत्यधिक पसीना आना, त्वचा में खुजली या चकत्ते

गंभीर और अप्रत्याशित दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। कोवीशील्ड वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल्स अब भी जारी हैं।

अगर कोई गंभीर लक्षण दिखता है तो क्या करें?

अगर आपको गंभीर एलर्जी है तो नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें। डॉक्टर से बात करें। सीरम इंस्टीट्यूट ने 24X7 कॉल सेंटर बनाया है, जहां साइड इफेक्ट्स पर बात कर सकते हैं- 1800 1200124