अमेरिका में कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल शुरू, 45 लोगों पर प्रयोग, ट्रंप बोले-जल्द देंगे अच्छी खबर

चीन से फैला जानलेवा कोरोना वायरस (Coronavirus) आज 125 से ज्यादा देशों को अपने चपेट में ले लिया है। दुनियाभर में इस वायरस से अब तक 7158 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1.80 लाख से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। हालाकि, खबर है कि इनमें से तकरीबन 75 हजार लोग ठीक भी हो गए है। हालात की गंभीरता को देखते हुए WHO ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। अमेरिका में भी कोरोना वायरस के चलते अब तक 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।
अमेरिका ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए टीके का टेस्ट करना शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह दुनियाभर में सबसे जल्दी विकसित किया जाने वाला टीक है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट करते हुए कहा, मुझे खुशी हो रही है कि अपने वैक्सीन के पहले चरण का परीक्षण शुरू कर दिया है। यह इतिहास में सबसे कम समय में तैयार हुई वैक्सीन है। उन्होंने कहा कि हम एंटी वायरल थेरेपी और अन्य तरीकों पर भी काम कर रहे हैं। हमारे पास कुछ आशाजनक शुरुआती परिणाम हैं।

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इस प्रयोग की स्टडी लीडर डॉ जैकसन ने बताया कि कोरोना वायरस जैसी आपदा से लड़ने के लिए हर मुमकिन प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस परीक्षण के लिए 18 से 55 साल के 45 लोगों का चुनाव किया गया है। इन सभी लोगों को अलग-अलग मात्रा में टीका दिया जाएगा। बाद में इनका ब्लड सैंपल लेकर पता किया जाएगा कि टीके का कोई साइड इफेक्ट तो नहीं हो रहा है। दरअसल यह वैक्सीन भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाली है। डॉक्टरों ने बताया कि इस टीके से संक्रमण का खतरा नहीं है क्योंकि इसका प्रोटीन ह्यूमन सेल के संपर्क में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन का अध्ययन सभी लोगों पर किया जाएगा।कोरोना वायरस से भले ही दुनियाभर के लोगों में डर का माहौल है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दुनियाभर के लोगों की जान बचाने की कवायद में जुटे हुए हैं। वैक्सीन टेस्ट में शामिल 43 साल की महिला जेनिफर हैलर ने कहा, हम सब बहुत असहाय महसूस कर रहे हैं। ऐसे में अगर हम किसी के काम आते हैं तो यह हमारा सौभाग्य होगा। इस वैक्सीन को कोड नेम mRNA-1273 दिया गया है। अमेरिका ही नहीं दुनियाभर के कई देश कोरोना वायरस का टीका बनाने में लगे हैं। इसमें रूस चीन और साउथ कोरिया शामिल है।