देशभर में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीनेशन के मद्दनेजर केंद्र ने सोमवार को पुणे स्थित दवा निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को ‘कोविशील्ड’ के 1.1 करोड़ डोज का ऑर्डर दे दिया। अप्रैल तक सीरम को 4.5 करोड़ डोज के ऑर्डर और दिए जाएंगे। सीरम के अनुसार ‘कोविशील्ड’ की भारत में कीमत 200 रु. है।
जीएसटी मिलाकर यह 210 रु. होगी। राजस्थान में 4.5 लाख हैल्थ वर्क्स को पहले फेज में लगाए जाने के लिए वैक्सीन की पहली खेप बुधवार शाम 4:45 बजे पुणे से जयपुर एयरपोर्ट पहुंच जाएगी। पहली खेप में 6,03,500 टीके आएंगे। इन्हें फिर कोल्ड स्टोरेज के लिए 3 वर्कर्स में बांटकर जोधपुर और उदयपुर भेजा जाएगा।
प्रदेश में 90% टीके सीरम, 10% भारत बायोटेक के लगेंगे
प्रदेश में सप्लाई का 10% हिस्सा भारत बायोटेक का होगा। 90 प्रतिशत सप्लाई सीरम इंस्टीट्यूट के टीके की होगी। कुल 6,03,500 में से 5,43,500 टीके सीरम इंस्टीट्यूट के और 60,000 टीके भारत बायोटेक के आ रहे हैं। दूसरी खेप 28 दिन में आएगी। बुधवार शाम जयपुर पहुंचते ही 2 से 8 डिग्री तापमान में रखने के लिए इन्हें बड़े फ्रीजर में रखा जाएगा। प्रदेश में 3056 सेंटर्स पर टीके लगेंगे।
3 करोड़ लोगों के टीकाकरण का खर्च केंद्र उठाएगा : मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राज्यों के सीएम के साथ समीक्षा बैठक की। कहा- पहले चरण के 3 करोड़ लोगों के टीकाकरण का खर्च केंद्र उठाएगा। देश के लिए मंजूर दोनों टीके दुनियाभर में सबसे किफायती हैं। इन्हें देश की जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है। अभी चार और टीके बनने वाले हैं। की प्रक्रिया में है। देशवासियों को प्रभावी वैक्सीन मिले, इसके लिए विशेषज्ञों ने पूरी सावधानी रखी है। देश कोरोना के खिलाफ अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है।’
कोवैक्सीन की भी खरीदी जल्द संभव
सरकार ने स्वदेशी ‘कोवैक्सीन’ को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी है। ‘कोवैक्सीन’ भारत बायोटेक ने आईसीएमआर के साथ मिलकर विकसित की है। स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही इसकी खरीदी के लिए भी आदेश जारी कर सकता है।