ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को देखते हुए अलर्ट मोड़ पर आया रेलवे, बीमार है तो नहीं चढ़ सकेंगे ट्रेन में

कोरोना का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा हैं जहां डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट ने चिंता बढ़ा दी हैं। राजस्थान के आंकड़ों की बात करें तो बीते दिन 1800 से ऊपर मामले सामने आए हैं। ऐसे में इस खतरे को देखते हुए रेलवे अलर्ट मोड़ पर आ गया हैं जिसके तहत अगर आपका टिकट कंफर्म हो लेकिन अगर यात्री बीमार हो तो उसे ट्रेन में नहीं चढ़ने दिया जाएगा। इसी के साथ ही यात्री सफर के दौरान अपनी सीट किसी दूसरे से एक्सचेंज नहीं कर पाएगा। यात्रियों के साथ-साथ रेलवे ने अपने कर्मचारियों को भी कोरोना से जुड़ी गाइडलाइन की सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत रेलकर्मियों को सभी यात्रियों को मास्क अवश्य रूप से लगाने के प्रति जागरूक करने की सलाह दी गई है।
जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक गीतिका पांडेय ने बताया कि कोरोना वायरस का संक्रमण फिर से तेजी से बढ़ता जा रहा है। ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को फिर से कोविड-19 प्रोटोकोल की सख्ती से पालन करनी होगी। प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग और टिकट की जांच अनिवार्य कर दी गई है। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की कोरोना जांच भी की जा रही है। पांडेय ने बताया कि बढ़ते संक्रमण को देखते हुए यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा करने से पहले विभिन्न राज्यों द्वारा दिशा- निर्देशों को अवश्य रूप से पढ़ लें। सभी प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों को कोविड-19 प्रोटोकॉल से जुड़े स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।मंडल रेल प्रबंधक ने सलाह दी है कि गंतव्य स्थल पर पहुंचने के बाद रेलयात्रियों को वहां की राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा बनाए गए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य तौर पर होगा। वहीं जहां तक संभव हो यात्री कोरोना की नेगेटिव जांच रिपोर्ट लेकर ही सफर करें और उनकी जांच रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर की ही होनी चाहिए। इसके अलावा ट्रेन से उतरते समय और गेट से बाहर निकलते समय भी यात्रियों को पर्याप्त सामाजिक दूरी बनाए रखने के सलाह दी गई है।