लॉ की छात्रा से बलात्कार के आरोप में बीजेपी नेता चिन्मयानंद (Chinmayanand) को कोर्ट ने 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। साथ ही उनके तीन सहयोगी युवकों को भी एसआईटी ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तीनों युवकों पर ब्लेकमेलिंग में शामिल होने का आरोप है। इसी मसले में यूपी की विशेष जांच दल (SIT) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चिन्मयानंद ने सारे आरोप कबूल कर लिए हैं। वायरल हुए वीडियो में खुद चिन्मयानंद हैं, यह उन्होंने स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते क्योंकि वह अपने इन कार्यों से शर्मिंदा हैं। जिसपर बिना देरी के शुक्रवार को सुबह गिरफ्तार किया गया। वीडियो और ऑडियो की बारीकी से जांच की गई।
बता दें कि उत्तर प्रदेश की विशेष जांच दल (SIT) की टीम ने चिन्मयानंद को उनके आश्रम से शुक्रवार की सुबह करीब 8:50 मिनट पर गिरफ्तार किया। जिसके बाद चिन्मयानंद को कोर्ट में पेश किया गया। इस बीच राज्य यूपी के डीजीपी ने कहा कि चिन्मयानंद से फिरौती मांगने की कोशिश के आरोप में 3 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। एसआईटी के सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार तीनों युवकों को भी चिन्मयानंद के साथ ही स्थानीय सीजेएम अदालत में पेश किया गया। एसआईटी का मानना है कि इस पूरे मामले में स्वामी के साथ तीनों ही युवकों की खास भूमिका रही थी।बता दें कि चिन्मयानंद (Chinmayanand) के खिलाफ लॉ छात्रा ने 12 पन्नों की शिकायत की और SIT को दिए बयान में कई चौंका देने वाली बातें सामने आई। पीड़िता का कहना है कि चिन्मयानंद ने ब्लैकमेल कर रेप किया है। पीड़िता का हॉस्टल के बाथरूम में नहाने का वीडियो बनाया गया और उस वीडियो को वॉयरल करने की धमकी देकर एक साल तक रेप करता रहा। साथ ही पीड़िता ने बताया कि चिन्मयानंद ने शारीरिक शोषण का वीडियो भी बनाया है। बता दें कि बीते 10 सितंबर को चिन्मयानंद के मालिश कराते हुए 16 वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए। उसके तुरंत बाद एक और वीडियो जारी हुआ था, जिसमें लॉ छात्रा, उसका दोस्त संजय सिंह और कुछ और लोग दिखे थे। ये सभी लोग कहीं जा रहे थे और गाड़ी में आगे बैठा शख्स छात्रा और संजय सिंह को रुपए मांगने को लेकर फटकार लगा रहा था। इस वीडियो में बहुत कुछ ऐसा था, जिससे लग रहा था कि चिन्मयानंद से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने में इन्हीं लोगों का हाथ है। जांच के तहत एसआईटी को यह वीडियो भी सौंपा गया था।