टिड्डों के आतंक से पाकिस्तान में फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंच रहा है। टिड्डों के आतंक का असर सबसे ज्यादा पंजाब प्रांत में देखा जा रहा है, जो देश में कृषि उपज का मुख्य क्षेत्र है। पाकिस्तानी प्रशासन का कहना है कि देश सबसे बीते कुछ दशकों में सबसे बुरे कीट हमले का सामना कर रहा है। ऐसे हालात में पाकिस्तान में भुखमरी फैल गई है। ऐसे में पाकिस्तान को भुखमरी से बचाने के लिए उसका सदाबहार दोस्त चीन आगे आया है, जो टिड्डों से लड़ने के लिए अपनी बतखों की बड़ी 'फौज' यहां भेजने जा रहा है।
चीन अपने पूर्वी राज्य शिजियांग से बत्तखों की फौज पाकिस्तान भेजने की तैयारी कर रहा है। उसमें 1,00,000 से ज्यादा बत्तखें होंगी। चीन के अखबार निंगबो न्यूज ने ये रिपोर्ट छापी है। शिजियांग से पाकिस्तान के लिए बत्तखें भेजने की पूरी तैयारी चल रही है। पाकिस्तान को इन बत्तखों का इस्तेमाल करके टिड्डियों को खत्म करने की ट्रेनिंग देने के लिए चीन से विशेषज्ञों की टीम पाकिस्तान पहुंच चुकी है।
बत्तखें ही क्योंएक चीनी रिसर्चर लु लिझी के मुताबिक, कीटों के खात्मे के लिए कीटनाशकों के मुकाबले बतख अधिक प्रभावकारी है, जो एक दिन में 200 से अधिक टिड्डों को खा सकता है। उनका कहना है कि इसके लिए शोध किया जा रहा है कि कीटों से निपटने में बतख कितने कारगर साबित हो सकते है। इन्हें इस्लामाबाद भेजने से पहले चीन में इनका परीक्षण किया जाएगा। चीन के अखबार निंगबो न्यूज ने शिजियांग के कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के हवाले से बताया है कि टिड्डियों से निपटने में बत्तखों का इस्तेमाल करने से पर्यावरण को नुकसान भी ना के बराबर होता है।
आपको बता दे, चीन के उत्तर पश्चिमी प्रदेश शिकियांग में बीस साल पहले पाकिस्तान की ही तरह टिड्डियों का हमला हुआ था। जिससे निपटने के लिए चीन ने बत्तखों की फौज का प्रयोग किया था। उस समय भी टिड्डियों के खात्मे में बत्तखें बहुत मददगार साबित हुई थीं। इसके बाद चीन ने अपनी बत्तखों का इस्तेमाल पाकिस्तान के लिए करने का फैसला किया है।रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी कृषि विशेषज्ञों ने इसी सप्ताह पाकिस्तान का दौरा भी किया था, ताकि कीटों से मुकाबले को लेकर पाकिस्तान की जरूरतों को समझा जा सके। इसके लिए चीन की झेजियांग एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज और पाकिस्तान की एक यूनिवसिर्टी के साथ मिलकर काम करने की बात भी सामने आ रही है। बताया जाता है कि ये कीट पूर्वी अफ्रीका के देशों से दक्षिण एशिया में प्रवेश कर रहे हैं, जो पाकिस्तान सहित कई देशों में कृषि को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहे हैं।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था जो पहले ही संकट के दौर से गुजर रही है, वह कृषि पर कीटों के इस हमले से और संकटग्रस्त हो गई है, जिससे परेशान होकर वह इससे निपटने के लिए हर तरकीब अपना रहा है। इसी क्रम में पाकिस्तान के एक मंत्री ने कुछ दिनों पहले अपने नागरिकों को यह अजीबोगरीब सलाह भी दी थी कि वे कीटों को पकाकर खा जाएं। उन्होंने कहा कि टिड्डों के साथ बिरयानी और कराही जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों को तैयार करके शांति से स्थिति का लाभ उठाएं।