सरकार ने जनवरी-फरवरी में CBSE बोर्ड की परीक्षाएं न कराने का फैसला लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी। परीक्षा की तारीखों को लेकर बाद में ऐलान किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं फिलहाल जनवरी- फरवरी में कराने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, शिक्षा मंत्री ने यह साफ किया कि परीक्षाएं फरवरी के बाद कराई जाएंगी। बता दे, इससे पहले यह लाइव इंटरेक्शन 17 दिसंबर को होने वाला था, जिसे बाद में 22 तारीख तक के लिए टाल दिया गया था। इस बारे में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर जानकारी दी थी।
शिक्षकों का जताया आभारलाइव वेबिनार दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में शिक्षकों ने योद्धाओं की तरह बच्चों को पढ़ाया है। ऑनलाइन मोड से बच्चों को पढ़ाने में टीचर्स ने कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत स्कूली शिक्षा में ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय ला रहे हैं। ऐसा करने के बाद भारत दुनिया का पहला देश होगा, जहां स्कूली स्तर पर ही AI की पढ़ाई होगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने आज यहाँ शिक्षा संवाद के 22वें संस्करण के तहत शिक्षकों के साथ लाइव इंटरैक्शन में ऑनलाइन शिक्षा, बोर्ड परीक्षा, प्रवेश परीक्षा, मूल्यांकन के स्वरुप, शिक्षकों की ट्रेनिंग और शिक्षा संबंधी अन्य मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की। इस शिक्षा संवाद में देश भर के हज़ारों शिक्षकों ने हिस्सा लिया और शिक्षा संबंधी विभिन्न मुद्दों पर कई सवाल किए जिसके जवाब देकर माननीय मंत्री जी सभी की आशंकाओं एवं चिंताओं को दूर किया।
सभी को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री जी ने कहा, 'मैं हमेशा से ही शिक्षकों के साथ बातचीत करने, उनकी आशाओं और आकांक्षाओं को समझने और उसके अनुसार काम करने के लिए उत्सुक रहा हूं। जब मैं शिक्षकों की बात करता हूं, तो मैं एक शिक्षक के रूप में अपने प्रारंभिक वर्षों की याद ताजा करता हूं। मुझे याद है कि मैं और मेरे सहयोगी अपने छात्रों को सर्वश्रेष्ठ ज्ञान देने के लिए सदैव तत्पर रहते थे। उन्हें अपने जीवन में प्रगति करते देखना अभी भी एक बहुत ही खूबसूरत एहसास है। शिक्षकों में पाया जाने वाला पैशन और कंपैशन अप्राप्य है और यही कारण है कि एक शिक्षक अपनी भूमिका से कभी सेवानिवृत्त नहीं हो सकता।'शिक्षकों के प्रशिक्षण पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में माननीय मंत्री जी ने कहा कि मंत्रालय ने देश के सभी 42,00,000 प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को प्रशिक्षित करने के लिए निष्ठा (राष्ट्रीय शैक्षिक स्कूल शिक्षा संस्थान और शिक्षकों के लिए शैक्षिक संस्थान) ऑनलाइन शुरू किया गया। इस महामारी के पहले यह कार्यक्रम फिजिकल रूप से आयोजित किया जाता था। इस कार्यक्रम को महामारी के दौरान शिक्षण और सीखने की जरूरतों के लिए प्रासंगिक बनाया गया था और इसे 100% ऑनलाइन बनाया गया था। इसके अलावा सीबीएसई, केवीएस और जेएनवी ने जहां भी संभव हो, ऑनलाइन साधनों के माध्यम से सीखने की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए, लॉकडाउन शुरू होते ही अपने शिक्षकों की ऑनलाइन शिक्षण क्षमता बनाने के लिए भागीरथ प्रयास किया। इस प्रक्रिया में सीबीएसई ने 4,80,000 शिक्षकों (अप्रैल-सितंबर 2020 के दौरान), केवीएस ने 15855 और जेएनवी ने 9085 शिक्षकों को पूरे भारत में प्रशिक्षित किया है। एनवीएस द्वारा शिक्षकों को ऑनलाइन मूल्यांकन और जियोजेब्रा के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया।'
शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल की बड़ी बातें- नई शिक्षा नीति में छठी से ही वोकेशनल स्ट्रीम लाया गया है। इसके तहत पढ़ाई के साथ इंटर्नशिप होगी।
- अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होगा। इसका मकसद बच्चों को उद्योगों और कृषि में प्रशिक्षण देना है।
- हमारे देश के लोगों ने दुनिया भर में जिन बुलंदियों को छुआ, उसके पीछे कहीं न कहीं शिक्षकों का भी हाथ रहा।
- कोरोना के मुश्किल समय में शिक्षकों द्वारा बच्चों को पढ़ाने में निभाई गई भूमिका के लिए शिक्षा मंत्री ने टीचर्स का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैंने शिक्षक से शिक्षा मंत्री तक की यात्रा तय की है, इसलिए एक शिक्षक की सामर्थ्य समझ सकता हूं।
ऑफलाइन नहीं होगी बोर्ड परीक्षाCBSE की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, बोर्ड परीक्षाएं ऑनलाइन नहीं होंगी। साल 2021 में होने वाली परीक्षा पहले की तरह ही देनी होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल इसके पहले 10 दिसंबर को भी एक वेबिनार आयोजित कर चुके हैं।