कोरोना की दूसरी लहर जोधपुर के लिए खतरे की घंटी बनती जा रही हैं जहां आए दिन बढ़ते मामलों की वजह से अस्पतालों में अधिकांश बेड भर चुके हैं। आज गुरुवार को जोधपुर में एक ही दिन में 847 नए संक्रमित सामने आए। इस साल एक ही दिन में मिले ये सबसे अधिक मरीज है। कोरोना संक्रमण के फैलाव के नजरिए से अप्रैल महीने बहुत भारी पड़ता नजर आ रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम होती जा रही है। आज जोधपुर में 625 मरीजों को ठीक होने पर डिस्चार्ज किया गया। अस्पतालों में भर चुके अधिकांश बेड
मरीजों की बढ़ती संख्या के साथ ही खतरे की घंटी बजनी शुरू हो चुकी है। अस्पतालों में अब अधिकांश बेड भर चुके हैं। नए मरीजों की भर्ती करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ रही है। एम्स में भी अधिकांश बेड भर चुके हैं। सिर्फ बेहद गंभीर मरीजों को ही अब एम्स में भर्ती किया जा रहा है। इसके अलावा शहर के चार प्रमुख निजी अस्पतालों में भी नो बेड की स्थिति बन चुकी है। वहीं कोरोना मरीजों के लिए जीवन रक्षक दवा मानी जाने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन भी खत्म होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। ऐसे में अब मौतें बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। शहर के सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों में रेमडेसिविर का स्टॉक समाप्त होते देख इसके उपयोग की राशनिंग शुरू कर दी गई है।राजस्थान में संक्रमण की दर 15 फीसदी से ऊपर, एक्टिव केस 49 हजार के पार
राजस्थान में आज संक्रमण की दर 15.34% रही। राज्य में आज 43,383 सैंपल लिए गए थे। जिसमें से 6658 नमूने पॉजिटिव आए। राज्य में अब चिंता की सबसे बड़ी वजह एक्टिव केस बने हुए हैं। यह अब 49,276 तक पहुंच गए हैं और तेजी से बढ़ रहे हैं। जबकि रिकवरी रेट बहुत धीमी गति से बढ़ रही है। आज 2254 लोग इस बीमारी से रिकवर हुए है। राज्य में वर्तमान में रिकवरी रेट गिरकर 86.51% पर पहुंच गई है।