नाइजर में हथियारबंद लोगों ने 37 नागरिकों की कर दी हत्या, 13 बच्चे और 4 महिलाएं शामिल

दक्षिण-पश्चिम नाइजर के एक गांव पर हथियारबंद लोगों ने 37 नागरिकों की हत्या कर दी। इनमें 15 से 17 साल की उम्र के 13 बच्चे और 4 महिलाएं शामिल हैं। माली के सटी नाइजर की सीमा के पास तिलबेरी क्षेत्र के बानीबांगो के कम्यून में अज्ञात हमलावरों ने सोमवार को गोलियां चलाईं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

यूनिसेफ ने कहा, 'हमें यह कहते हुए दुख हो रहा है कि 15 से 17 साल की उम्र के 13 बच्चे और चार महिलाओं समेत कम से कम 37 नागरिकों की मार दिया गया है। कई अन्य घायल भी हुए हैं। हम इन क्रूर हमलों से प्रभावित पीड़ितों, परिवारों और समुदायों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति व्यक्त करते हैं।'

एचआरडब्ल्यू ने कहा कि विकलांग लोग और कई बच्चे मारे गए, जिनमें से कुछ को उनके माता-पिता की बाहों से खींच कर मार डाला गया। चरमपंथी हमलों में स्कूल और चर्चों को भी नुकसान पहुंचा है जिससे हजारों लोग अपने घरों को छोड़कर भाग गए हैं।

एक स्थानीय अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि दोपहर में जब लोग खेतों में काम कर रहे थे तो हमलावर डेरे-डे गांव में मोटरबाइकों पर पहुंचे और बच्चों और उनके परिवारों पर हमला कर दिया। एक स्थानीय पत्रकार ने एएफपी को बताया, 'उन्होंने लोगों को खेतों में पाया और कुछ भी हिलने-डुलने पर गोली मार दी।'

अकेले इस साल इस क्षेत्र में आतंकवादियों ने सैकड़ों नागरिकों की हत्या की है। ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) द्वारा पिछले सप्ताह जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल तिलबेरी और पड़ोसी क्षेत्र तहौआ में जिहादी हमलों में कम से कम 420 नागरिक मारे गए। अंतरराष्ट्रीय अधिकार समूह के साहेल निदेशक कोरिन दुफ्का ने रिपोर्ट में कहा, 'सशस्त्र इस्लामी समूह पश्चिमी नाइजर में नागरिकों पर हमला कर रहे हैं।'

नाइजर, बुर्किना फासो और माली के बीच तथाकथित आदिवासी क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी ज्यादातर अल-कायदा या इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े हैं। अधिकारियों द्वारा सुरक्षा बढ़ाए जाने के बाद भी क्षेत्र में इसी तरह के हमले लगातार हो रहे है। गोलीबारी के बाद हमलावर माली की ओर भाग जाते हैं।