बीते दिन बुधवार काे जाेधपुर नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क हादसा देखने को मिला जिसमें 12 लोग जिन्दा जल गए। सड़क हादसे राजस्थान के लिए घातक बनते जा रहे हैं। बीते साढ़े तीन साल में 36 हजार से ज्यादा माैतें हुईं और उनमें सबसे ज्यादा युवा थे। पुलिस और ट्रांसपोर्ट के एनालिसिस में सामने आया है कि सबसे ज्यादा एक्सीडेंट का कारण ओवर स्पीड है। इसके बाद लापरवाही, शराब पीकर वाहन चलाने से एक्सीडेंट हाेते हैं।
इन हादसों में 19 हजार से ज्यादा युवाओं की माैत हुई, जिनकी उम्र 18-35 साल थी। इस साल अगस्त तक प्रदेश में करीब 13,581 राेड़ एक्सीडेंट हुए हैं। उनमें 6,452 लाेग जान गंवा चुके हैं। वहीं 12,482 घायल एक्सीडेंट का दर्द झेल चुके हैं। राजस्थान में अगस्त तक 2020 के मुकाबले 2021 में सडक दुर्घटनाओं में करीब 16% की बढ़ोतरी देखी गई है। पूरे प्रदेश में इस साल अगस्त तक 13,581 एक्सीडेंट हुए, जाे पिछले साल 11,696 हुए थे। प्रदेश में 2021 में अगस्त तक सबसे ज्यादा सड़क हादसों की बात करें ताे उदयपुर जिले में हुए। उदयपुर में 789 एक्सीडेंट हुए जिनमें 357 लाेगाें की जान गई। अजमेर में 699 एक्सीडेंट में 321 की माैत हुई। जयपुर में 673 मौतें हुईं हैं।