यूसुफ पठान समेत सात पूर्व TMC नेताओं को NCPI में अहम जिम्मेदारियां, 27 पदाधिकारियों के नाम घोषित

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस से अलग होने वाले नेताओं को नई पार्टी नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। पार्टी ने कुल 27 पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की है, जिनमें तृणमूल कांग्रेस से अलग होने वाले सात नेता शामिल हैं। पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया है। उनके अलावा कई अन्य पूर्व TMC नेताओं को भी संगठन में अहम पद सौंपे गए हैं।

NCPI की ओर से की गई नियुक्तियों में यूसुफ पठान के साथ दीपक अधिकारी देव, रचना बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, अबू ताहेर खान और चंद्रिमा पांजा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी की कमान ज्योति प्रकाश चटर्जी संभाल रहे हैं।

इन नियुक्तियों के बीच ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले कुछ वरिष्ठ नेताओं को नई सूची में जगह नहीं मिली है। इनमें सांसद काकोली घोष दस्तीदार और सुदीप बंदोपाध्याय के नाम शामिल हैं। इसके अलावा सायोनी घोष का नाम भी घोषित पदाधिकारियों की सूची में नहीं है।

पूर्व TMC नेताओं को संगठन में बड़ी जिम्मेदारियां

NCPI में नियुक्तियों के बाद पार्टी से अलग हुए पूर्व तृणमूल नेताओं को संसद के बाहर भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिली हैं। उपाध्यक्ष बनाए गए नेताओं में जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया भी शामिल हैं। बसुनिया ने हाल ही में दावा किया था कि तृणमूल कांग्रेस के 20 में से 17 सांसद भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।

उनके इस दावे के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि, बागी गुट के नेताओं ने इस दावे से दूरी बनाते हुए इसे बसुनिया की निजी राय बताया था।

भाजपा में जाने के दावे पर नेताओं का इनकार

बसुनिया ने दावा किया था कि 17 सांसद दुर्गा पूजा से पहले या उसके बाद भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, संबंधित नेताओं ने इस दावे को खारिज कर दिया। अबू ताहेर खान ने स्पष्ट किया था कि वह, यूसुफ पठान और जंगीपुर से सांसद खलीलुर रहमान भाजपा में शामिल नहीं होंगे।

अबू ताहेर खान ने यह भी कहा था कि ये तीनों सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA को बाहर से समर्थन दे रहे हैं। इस बयान के बाद भी पूर्व TMC सांसदों और भाजपा के बीच संभावित राजनीतिक समीकरण को लेकर चर्चा बनी हुई है।

छह महासचिव और 12 सचिव नियुक्त


पीटीआई के अनुसार, NCPI ने छह महासचिवों की भी नियुक्ति की है। इस सूची में उत्तिया कुंडू, मिताली बाग, बापी हलदर, सुलेखा भूनिया, विवेक मिश्रा और शुभेंदु चक्रवर्ती शामिल हैं।

इसके अलावा अभिषेक मुखर्जी, कल्लोल चक्रवर्ती, बप्पा सरदार, प्रबीर महाता, मृत्युंजय सिन्हा, पल्लब मुखर्जी, दिव्येंदु दास, बिप्लब देब, प्रदीप धर, सुस्मिता भूनिया, स्वाति गोस्वामी बोस और मोनालिशा खातून को सचिव बनाया गया है।

पार्टी ने स्वरूप जायसवाल को कोषाध्यक्ष और सुदाम जेट्टी को संयुक्त कोषाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस तरह NCPI ने संगठन के विभिन्न पदों के लिए कुल 27 नामों की घोषणा की है।

नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा के लिए प्रचार करेगी NCPI

NCPI ने आगामी नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा के पक्ष में प्रचार करने का ऐलान किया है। हालांकि, पार्टी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रचार अभियान के लिए किन नेताओं या टीम को जिम्मेदारी दी जाएगी।

एक ओर NCPI से जुड़े बागी सांसद भाजपा के साथ गठबंधन की संभावनाओं का संकेत दे रहे हैं, वहीं भाजपा की ओर से राज्य में औपचारिक गठबंधन को लेकर दूरी बनाए जाने की बात सामने आई है।

बंगाल भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य पहले ही NCPI के साथ राज्य में चुनाव लड़ने से इनकार कर चुके हैं। प्रदेश भाजपा इकाई ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा की ओर से यह भी कहा गया था कि गठबंधन दिल्ली में हुआ है।

भाजपा ने गठबंधन और सीट बंटवारे की संभावना से किया इनकार


NCPI के भाजपा के लिए प्रचार करने के ऐलान पर भाजपा ने कहा कि यह अच्छी बात है कि पार्टी ने भाजपा के पक्ष में प्रचार करने का फैसला किया है। हालांकि, भाजपा ने स्पष्ट किया कि इससे पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच चुनावी गठबंधन या भविष्य में सीटों के बंटवारे की संभावना नहीं बनती।

भाजपा की ओर से कहा गया, “यह अच्छी बात है कि NCPI ने भाजपा के लिए प्रचार करने का फैसला किया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बंगाल में भाजपा और NCPI का कोई चुनावी गठबंधन हो सकता है या भविष्य में किसी भी तरह से सीटों का बंटवारा हो सकता है।”

सांसदों की संख्या के आधार पर NCPI को NDA में दूसरा सबसे बड़ा दल बताया गया है। हालांकि, पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच चुनावी तालमेल को लेकर भाजपा ने फिलहाल स्पष्ट दूरी बनाए रखी है।