श्रीकृष्ण को 'पांच वक्त का नमाजी' बताने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी कौन हैं?, दर्ज हुआ केस

भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए एक विवादित बयान के बाद इटावा निवासी मौलाना जर्जिस अंसारी एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए उनके वीडियो को लेकर कई हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। इसी क्रम में अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में प्रदर्शन करते हुए मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। संगठन के पदाधिकारी हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और पुलिस को शिकायत सौंपते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी, नितिन चतुर्वेदी, सुमित कश्यप, मनू समेत कई अन्य पदाधिकारी इस प्रदर्शन में शामिल रहे। शिशिर चतुर्वेदी का कहना है कि हाल ही में झारखंड में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मौलाना ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

कौन हैं मौलाना जर्जिस अंसारी?

मौलाना जर्जिस अंसारी उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के रहने वाले हैं और खुद को इस्लामिक धर्मगुरु एवं धार्मिक वक्ता के रूप में प्रस्तुत करते हैं। वे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों और तकरीरों में हिस्सा लेते रहे हैं। हालांकि, उनका नाम कई बार अपने विवादित बयानों और कानूनी मामलों को लेकर भी चर्चा में रहा है।

वर्ष 2022 में वाराणसी की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उन्हें एक महिला को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, ब्लैकमेल और धमकी देने के मामले में दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। बाद में उन्होंने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी, जहां से उन्हें राहत मिली। इसके अलावा महिलाओं, अनुसूचित जाति से जुड़े मुद्दों और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए उनके कई बयानों पर भी पहले विवाद खड़ा हो चुका है।
विवादों से रहा है पुराना संबंध

मौलाना जर्जिस अंसारी का नाम पहले भी कई विवादित टिप्पणियों के कारण सुर्खियों में रहा है। उन्होंने एक अवसर पर उत्तर प्रदेश को मुस्लिम समुदाय के लिए असुरक्षित बताया था, जिसके बाद उनके खिलाफ विभिन्न स्थानों पर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं और कानूनी कार्रवाई भी हुई थी।

इन तमाम विवादों के बीच मौलाना का कहना रहा है कि उनका उद्देश्य लोगों तक इस्लाम की शिक्षाएं पहुंचाना और धर्म से जुड़े विषयों को आसान भाषा में समझाना है। उनका दावा है कि धार्मिक बातों को आम लोगों तक सरल तरीके से पहुंचाने के लिए वे कई बार उदाहरणों का सहारा लेते हैं।

वायरल वीडियो बना नए विवाद की वजह

इस बार विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से हुई। वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि यदि कोई बुरा न माने तो भगवान श्रीकृष्ण भी पांच वक्त की नमाज पढ़ते थे। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के एक श्लोक का हवाला देते हुए उसकी अपनी व्याख्या प्रस्तुत की।

इस बयान के सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने इसे सनातन धर्म और भगवान श्रीकृष्ण का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह टिप्पणी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और समाज में विवाद पैदा करने के उद्देश्य से की गई है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और पूरे प्रकरण की कानूनी पहलुओं से पड़ताल की जा रही है।