बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में जांच जारी है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को छात्रों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय असली अपराधियों पर ध्यान देना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब उनकी पार्टी अपने नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास को हिरासत में लिए जाने का विरोध कर रही है। टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले अनिल पंडित और हरमन संधू की ओर से जिम्मेदारी लेने की बात सामने आई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। फायरिंग की घटना के बाद मुंबई पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
अभिजीत दीपके ने पुलिस की प्राथमिकताओं पर उठाए सवालअभिजीत दीपके ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। उन्होंने लिखा, “छात्रों और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करने के बजाए पुलिस को असली अपराधियों पर ध्यान लगाना चाहिए। ऐसा ही होता है, जब सरकार और पुलिस की प्राथमिकताएं गलत तय हो जाती हैं।” दीपके का यह बयान उनकी पार्टी के दो नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास की हिरासत को लेकर चल रहे विरोध के बीच आया है। CJP का आरोप है कि दोनों नेताओं की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में उन्हें लंबे समय तक हिरासत में रखा जा रहा है और उनकी रिहाई की प्रक्रिया में देरी हो रही है। पार्टी ने इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। दीपके का कहना है कि दोनों नेताओं को जेल में रखने का कोई कानूनी आधार नहीं है और उन्हें हिरासत में बनाए रखने के लिए देरी के तरीके अपनाए जा रहे हैं। हालांकि, ये पार्टी की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी गोलीबारीरविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की घटना हुई थी। मिली जानकारी के मुताबिक, दो अज्ञात हमलावरों ने अभिनेता की कार को निशाना बनाते हुए चार से पांच राउंड गोलियां चलाईं। टाइगर इस हमले में सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर समेत दो लोग घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया। पोस्ट में कथित तौर पर मुंबई फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को धमकी दी गई कि जो लोग उनकी बात नहीं सुनेंगे या सलमान खान के साथ काम करेंगे, उन्हें आगे निशाना बनाया जा सकता है। इस दावे और पोस्ट की प्रामाणिकता की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी। फायरिंग के बाद पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की। मामले में आरोपियों की भूमिका और हमले के पीछे की वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
हमलावरों की तलाश में मुंबई पुलिस की 15 टीमें गठितटाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद मुंबई पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए 15 टीमें गठित की हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से हमलावरों और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल की पहचान करने में जुटी है। इसके अलावा कई जगहों पर नाकेबंदी की गई है और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार रात टाइगर श्रॉफ से फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। पुलिस के मुताबिक, इस घटना में टाइगर के ड्राइवर फिरदौस और सड़क से गुजर रहे ऑटो रिक्शा चालक केवल चौहान को गोली लगी थी। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली गई है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में एक अज्ञात व्यक्ति को टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान और घटना में उसकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कौन हैं अनिल पंडित और हरमन संधू?पुलिस के मुताबिक, अनिल पंडित हरियाणा के पानीपत का रहने वाला है। उसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मुख्य शूटर और विदेशी मॉड्यूल संभालने वाला व्यक्ति बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वह लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई का करीबी साथी है। वहीं, हरमन संधू के बारे में बताया गया है कि वह लंबे समय से विदेश में छिपा हुआ है। पुलिस के अनुसार, वह गिरोह के शूटरों को निशाने से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने का काम करता है। टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में इन नामों का सामने आना जांच का अहम पहलू है, लेकिन सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने के दावे को अपने आप में घटना में उनकी भूमिका का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता।
CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास की हिरासत पर भी विवादटाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले पर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब CJP अपने नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास को हिरासत में रखे जाने का विरोध कर रही है। पार्टी का आरोप है कि दोनों नेताओं की गिरफ्तारी के मामले को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है। दीपके ने इससे पहले कहा था, “उन्हें जेल में रखने का कोई कानूनी आधार नहीं है, इसलिए उन्हें हिरासत में बनाए रखने के लिए देरी करने के तरीके अपनाए जा रहे हैं।” पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी दिल्ली पुलिस और राज्य के अधिकारियों पर विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, सरकारी अभियोजक लगातार चार दिनों तक पेश नहीं हुए थे, लेकिन इसके बाद अचानक कार्यवाही में शामिल हुए और कथित धमकी भरे संदेश की ओर मामला मोड़ने की कोशिश की। रत्ना सिंह ने कहा, “हमारे वकीलों ने कहा कि अगर किसी ने आपको धमकी दी है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई कीजिए। आदेश में उसका नंबर दर्ज कीजिए और हमें उसका नाम बताइए।” CJP नेताओं की हिरासत और कानूनी कार्यवाही को लेकर लगाए गए ये आरोप पार्टी का पक्ष हैं। वहीं, टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच जारी है। दोनों घटनाक्रमों के बीच अभिजीत दीपके ने पुलिस से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता देने की मांग की है।