थलपति विजय को PM बनाने के TVK के दावे पर कांग्रेस का पलटवार, कार्ति चिदंबरम ने गिनाया ‘272 सांसदों’ का गणित

तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय यानी थलपति विजय को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के कुछ नेताओं ने उन्हें देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर पेश किया है। इस दावे पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री पद के लिए लोकसभा में बहुमत के आंकड़े को अहम बताया है।

कार्ति चिदंबरम के मुताबिक, किसी नेता को प्रधानमंत्री बनने के लिए उसके राजनीतिक दल या गठबंधन के पास लोकसभा में 272 सांसदों का समर्थन होना जरूरी है। उन्होंने TVK को एक ऐसी पार्टी बताया, जो फिलहाल एक बड़े फिल्म स्टार के इर्द-गिर्द केंद्रित है। उनका कहना था कि पार्टी अपने नेता को लेकर उम्मीदें और राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं रख सकती है।

TVK नेताओं ने विजय को बताया अगला PM

तमिलगा वेत्री कषगम के नेताओं की ओर से विजय को प्रधानमंत्री पद का संभावित चेहरा बताए जाने के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया है। तमिलनाडु सरकार में मंत्री एम. शरतकुमार ने एक बयान में विजय को देश का अगला प्रधानमंत्री तक बताया था। उन्होंने कहा था कि विजय लोगों के दिलों और घरों के साथ-साथ सेंट जॉर्ज फोर्ट में भी मुख्यमंत्री हैं और आगे चलकर देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।

TVK नेता आधव अर्जुन ने भी प्रधानमंत्री पद को लेकर दक्षिण भारत की दावेदारी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में उत्तरी राज्यों के प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा था कि भविष्य में प्रधानमंत्री दक्षिणी राज्यों, खासकर तमिलनाडु से चुना जाना चाहिए।
कांग्रेस पहले भी कर चुकी है TVK पर टिप्पणी

विजय की राजनीति को लेकर तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष मणिकम टैगोर भी टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने TVK के नेताओं की राजनीतिक सोच को लेकर कहा था कि पार्टी के नेता अभी भी फैन क्लब वाली मानसिकता से बाहर नहीं आए हैं।

टैगोर ने बीजेपी और कांग्रेस की राजनीतिक शैली को लेकर भी अपनी बात रखी थी। उनके मुताबिक, कांग्रेस बीजेपी के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ रही है, लेकिन दोनों दलों के काम करने का तरीका अलग है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्ष की शक्तियों को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया था।

राहुल गांधी के नाम पर भी कांग्रेस का जोर

इस राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के प्रमुख चेहरे के तौर पर पेश किया जा रहा है। 22 अगस्त को मणिकम टैगोर ने राहुल गांधी का नाम दोहराते हुए तमिलनाडु में NEET के मुद्दे पर कांग्रेस की स्थिति का भी उल्लेख किया था।

टैगोर के अनुसार, तमिलनाडु को तकनीकी परीक्षाओं के आयोजन को लेकर निर्णय लेने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया था कि राहुल गांधी 2019 के कांग्रेस घोषणापत्र में तमिलनाडु को NEET से छूट देने के वादे के प्रमुख सूत्रधार थे। उनका कहना था कि तमिलनाडु को राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने से पहले ही NEET से छूट मिलनी चाहिए और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए 12वीं के परीक्षा परिणाम को आधार बनाया जाना चाहिए।

विजय को लेकर TVK की महत्वाकांक्षा


TVK नेताओं के बयानों से साफ है कि पार्टी विजय की राजनीति को केवल तमिलनाडु तक सीमित नहीं मान रही है। पार्टी के नेताओं की ओर से उन्हें मुख्यमंत्री और देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में पेश किया गया है। वहीं कांग्रेस ने इस दावे के जवाब में लोकसभा में 272 सांसदों के समर्थन की जरूरत का मुद्दा उठाया है।

तमिलनाडु की राजनीति में एक तरफ TVK की ओर से विजय को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की बातें सामने आ रही हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस राहुल गांधी के नाम को लेकर अपना रुख दोहरा रही है।