भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति, राहुल गांधी के नेतृत्व, उनकी विदेश यात्राओं और उनके पुराने पेशेवर अनुभवों को लेकर कई आरोप लगाए। त्रिवेदी ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर रहने के कारण बेचैन बताते हुए कहा कि पार्टी की हालत ‘जल बिन मछली’ जैसी हो गई है। राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर टिप्पणी करते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि भारतीय संस्कृति से घृणा करने वाले कथित ‘ड्राइविंग इंजन’ राहुल गांधी इन दिनों चंपा में कहीं विचरण कर रहे हैं। उन्होंने शब्दों के जरिए तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ‘चंपत होकर चंपा’ गए हुए हैं। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि वियतनाम का पुराना नाम चंपा था।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के रिकॉर्ड की तुलना करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड शानदार उपलब्धियों से भरा है, जबकि राहुल गांधी का रिकॉर्ड समस्याओं से जुड़ा रहा है। उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने केवल कांग्रेस पार्टी के भविष्य को ही नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थानों को भी दांव पर लगा दिया है। ये सभी टिप्पणियां बीजेपी प्रवक्ता के राजनीतिक आरोपों का हिस्सा थीं।
राहुल गांधी को बताया कांग्रेस का ‘फेल प्रोडक्ट’सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए उन्हें कांग्रेस का ‘फेल प्रोडक्ट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार-बार एक ऐसे ‘फेल प्रोडक्ट’ को लॉन्च करने की कोशिश कर रही है, जिससे पार्टी का भविष्य ही नहीं, बल्कि देश की संवैधानिक व्यवस्था भी दांव पर लग गई है। बीजेपी सांसद ने दावा किया कि वह राहुल गांधी को ‘फेल प्रोडक्ट’ बताने के समर्थन में तथ्य और सबूत पेश करेंगे। इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी की शिक्षा, खेल और पेशेवर जीवन से जुड़ी कुछ बातों का उल्लेख किया और इन्हें उनकी विफलताओं के रूप में पेश किया।
त्रिवेदी ने कहा कि उनकी पीढ़ी के लोगों को शायद याद होगा, जबकि अन्य लोगों ने इसके बारे में पढ़ा होगा कि राहुल गांधी को दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज और निशानेबाज के तौर पर दाखिला मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद राहुल गांधी अपने निशाने चूकते रहे और देश ने शूटिंग के क्षेत्र में उनकी कोई खास उपलब्धि नहीं देखी। बीजेपी नेता ने इसे राहुल गांधी की पहली विफलता बताया।
ब्रिटेन की कंपनियों में काम करने और निदेशक रहने का किया जिक्रराहुल गांधी के पेशेवर जीवन का उल्लेख करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि परिवार की परंपरा का पालन करते हुए वह उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड गए थे। उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने 1996 से 1999 के बीच ‘मॉनिटर’ नाम की एक ब्रिटिश कंपनी के लिए काम किया। त्रिवेदी ने दावा किया कि बाद में यह कंपनी बंद हो गई।
इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी के ‘बैकऑप्स’ नाम की दूसरी ब्रिटिश कंपनी से जुड़े होने का जिक्र किया। बीजेपी प्रवक्ता के अनुसार, राहुल गांधी इस कंपनी में पार्टनर बने और 2003 से 2009 तक इसके निदेशक रहे। उन्होंने दावा किया कि बाद में यह कंपनी भी बंद हो गई।
इन दोनों कंपनियों का उल्लेख करते हुए त्रिवेदी ने तंज कसा कि यहां सिर्फ ‘प्रोडक्ट’ ही फेल नहीं हो रहा, बल्कि कंपनियां भी फेल हो रही हैं। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने राहुल गांधी के पेशेवर अनुभव को उनके खिलाफ राजनीतिक तर्क के तौर पर इस्तेमाल किया।
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर सवालसुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के नेतृत्व और कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2014 में कांग्रेस ने राहुल गांधी को अपना अघोषित नेता बना दिया था। उनके दावे के मुताबिक, उसी चुनाव में पार्टी लोकसभा में अपनी अब तक की सबसे कम सीटों तक सिमट गई।
बीजेपी सांसद ने अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पीढ़ी के लोग कभी यह सपना देखते थे कि बीजेपी अपने दम पर स्पष्ट बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह सपना पूरा हुआ।
त्रिवेदी ने कांग्रेस की सीटों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय यह भी सोचा जाता था कि क्या कांग्रेस कभी लोकसभा में 100 सीटों से नीचे जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि 2014 के चुनाव में पार्टी 50 सीटों से भी नीचे आ गई। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को राहुल गांधी के नेतृत्व से जोड़ने की कोशिश की।
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और कांग्रेस की रणनीति पर आरोपसुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को खतरनाक बताते हुए राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जब विदेश यात्रा पर जाते हैं, तो अज्ञात स्थानों पर जाते हैं और संदिग्ध व्यक्तियों से मिलते हैं। त्रिवेदी ने यह भी दावा किया कि विदेश से लौटने के बाद राहुल गांधी देश विरोधी प्रचार करते हैं।
अपने बयान में बीजेपी प्रवक्ता ने विशेष पदार्थों के सेवन के बाद व्यक्ति को मतिभ्रम होने की बात भी कही। हालांकि, उन्होंने इस टिप्पणी के संबंध में कोई विशिष्ट घटना या अलग से प्रमाण इस सामग्री में नहीं बताया। इसलिए इसे उनके बयान और आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि न तो ‘सिस्टर’ को योजना के बारे में पता है और न ही राहुल गांधी को इसकी जानकारी रहती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की योजना कहीं और से बनाई जा रही है और राहुल गांधी केवल उसे लागू करने वाले यानी ‘एक्जीक्यूटर’ हैं।
त्रिवेदी ने अपने बयान के अंत में कहा कि स्वतंत्रता की लड़ाई अभी मानसिक रूप से बाकी है। उनके इस बयान के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर लगाए गए आरोपों का सिलसिला पूरा हुआ। उपलब्ध समाचार सामग्री में इन आरोपों पर राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से कोई जवाब शामिल नहीं है।
पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):
Q1. सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी को क्या कहा?सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी को कांग्रेस का ‘फेल प्रोडक्ट’ बताया और उनके नेतृत्व, पेशेवर जीवन तथा चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाए।
Q2. राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर बीजेपी नेता ने क्या आरोप लगाए?त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान अज्ञात स्थानों पर जाते हैं और संदिग्ध व्यक्तियों से मिलते हैं। उन्होंने विदेश से लौटने के बाद देश विरोधी प्रचार करने का भी आरोप लगाया।
Q3. सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की ब्रिटिश कंपनियों से जुड़े अनुभव के बारे में क्या कहा?उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने 1996 से 1999 के बीच ‘मॉनिटर’ नाम की ब्रिटिश कंपनी में काम किया और बाद में ‘बैकऑप्स’ कंपनी में पार्टनर तथा 2003 से 2009 तक निदेशक रहे। त्रिवेदी के मुताबिक, दोनों कंपनियां बाद में बंद हो गईं।
Q4. राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर त्रिवेदी ने क्या कहा?त्रिवेदी ने दावा किया कि 2014 में राहुल गांधी को कांग्रेस का अघोषित नेता बनाए जाने के बाद पार्टी लोकसभा में अपनी सबसे कम सीटों तक सिमट गई और 50 सीटों से भी नीचे चली गई।
Q5. सुधांशु त्रिवेदी ने प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए क्या कहा?उन्होंने कहा कि न तो प्रियंका गांधी को और न ही राहुल गांधी को कांग्रेस की योजना के बारे में पता रहता है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि पार्टी की रणनीति कहीं और से बनाई जाती है और राहुल गांधी उसे लागू करते हैं।