जान पर बन आई थी, खुद घायल हुए फिर भी बचा ली सैकड़ों यात्रियों की जिंदगी; जानिए अब कैसे हैं स्मित मच्छार

भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर उड़ान के दौरान हुए हमले के बाद उनका इलाज सऊदी अरब के ताबुक शहर में चल रहा है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान को सुरक्षित रखने और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में उनकी भूमिका के बाद उनकी बहादुरी की चर्चा हो रही है। भारतीय दूतावास के मुताबिक, फिलहाल स्मित मच्छार की हालत स्थिर बताई जा रही है और उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।

ताबुक के अस्पताल में चल रहा इलाज

रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास कैप्टन स्मित मच्छार की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। उन्हें सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित ताबुक शहर में भर्ती कराया गया है, जहां उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं।

दूतावास ने यह भी बताया कि स्मित मच्छार के स्वास्थ्य को लेकर विस्तृत अपडेट का इंतजार है, लेकिन अभी उनकी स्थिति स्थिर है। भारतीय अधिकारियों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद जताई है। दूतावास उनके परिवार के संपर्क में है और सऊदी अधिकारियों के साथ भी उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी लगातार जुटाई जा रही है।

34 हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ हमला

यह घटना फ्लाईदुबई की उस उड़ान में हुई जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। संदर्भ सामग्री के मुताबिक, विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने हमला कर दिया।

हमले में भारतीय पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने स्थिति से निपटने की कोशिश जारी रखी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में सहायता की।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना के बारे में कहा कि सह-पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। हमले के बाद सह-पायलट को गिरफ्तार कर लिया गया।

कुछ ही सेकंड में हजारों फीट नीचे आया विमान


विमान में हुई हाथापाई के दौरान उसकी ऊंचाई में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई। जानकारी के मुताबिक, दुबई से उड़ान भरने के करीब ढाई घंटे बाद विमान महज 34 सेकंड के भीतर लगभग 33,000 फीट से गिरकर करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर आ गया।

इस दौरान विमान में मौजूद लोगों के लिए स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। इसी बीच घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने विमान को सुरक्षित रखने के प्रयास किए। बाद में विमान को सऊदी अरब के ताबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसे उतारा गया।
हाईजैक की आशंका क्यों हुई?

घटना के दौरान विमान की ओर से भेजे गए अलर्ट के बाद हाईजैक की आशंका भी पैदा हुई थी। इसकी वजह विमान की ओर से भेजा गया ‘7500’ कोड बताया गया है। इस कोड का इस्तेमाल हाईजैक की स्थिति का संकेत देने के लिए किया जाता है।

ऐसे संकेत मिलने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल स्थिति की पुष्टि करने की कोशिश करता है। स्थिति की पुष्टि होने पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर अन्य संबंधित सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय की जाती है। विमान के आसपास या उसके मार्ग से जुड़े अन्य एयर ट्रैफिक को भी आवश्यक सूचना दी जा सकती है।

स्मित मच्छार के माता-पिता सऊदी अरब रवाना


हमले में घायल होने के बाद कैप्टन स्मित मच्छार के माता-पिता भी सऊदी अरब के लिए रवाना हो गए। वहीं, भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह परिवार के संपर्क में है और सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर पायलट के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी ले रहा है।

मच्छार की स्थिति स्थिर होने की जानकारी सामने आने के बाद अब उनके स्वास्थ्य से जुड़े अगले विस्तृत अपडेट का इंतजार है।

नेतन्याहू के बाद पीएम मोदी ने भी की तारीफ

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहना की। गुरुवार को पीएम मोदी ने उन्हें ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने खतरे का सामना करते हुए साहस दिखाया और दूसरों की जान बचाने का संकल्प बनाए रखा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मच्छार की बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी घटना को टाला जा सका। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की और कहा कि भारत को उन पर गर्व है।

इससे पहले बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट को ‘सच्चा हीरो’ बताते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की थी।