सोनम को जमानत नहीं मिलनी चाहिए थी; राजा रघुवंशी की मां ने सिया गोयल के लिए मांगी फांसी की सजा

इंदौर/पुणे: मेघालय में हनीमून के दौरान इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में न्याय की लड़ाई लड़ रही उनकी मां उमा रघुवंशी एक बार फिर भावुक हो गईं। पुणे के लोहगढ़ किले में कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले ने उनके जख्मों को फिर से ताजा कर दिया है। शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इस मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल की तुलना अपनी बहू सोनम रघुवंशी से करते हुए कहा कि दोनों मामलों में कई समानताएं हैं। उनके अनुसार, सिया गोयल की कथित करतूतें उन्हें सोनम रघुवंशी की याद दिलाती हैं।

उल्लेखनीय है कि राजा रघुवंशी हत्याकांड में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी पर अपने कथित प्रेमी और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। हाल ही में एक निचली अदालत ने जांच से जुड़ी कुछ तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए सोनम को सशर्त जमानत प्रदान की थी। इस फैसले पर उमा रघुवंशी ने गहरा असंतोष जताया और कहा कि ऐसे मामलों में आरोपियों को राहत नहीं मिलनी चाहिए।

दोनों मामलों में दिखीं कई समानताएं

उमा रघुवंशी ने कहा कि केतन अग्रवाल की हत्या का मामला उन्हें अपने बेटे राजा रघुवंशी की हत्या की याद दिलाता है। उन्होंने कहा, जिस तरह मेरे बेटे के मामले में पूरी योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया गया और बाद में उसे अलग रूप देने की कोशिश की गई, उसी तरह केतन के मामले में भी साजिश रची गई। आरोप है कि सिया गोयल ने अपने मंगेतर को पहाड़ी से धक्का देकर हत्या की और पूरी घटना को हादसा साबित करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि एक मां होने के नाते वह केतन अग्रवाल की मां के दर्द को अच्छी तरह महसूस कर सकती हैं। उनके मुताबिक, संतान को खोने का दुख जीवनभर नहीं भरता और यही पीड़ा आज भी उनके साथ है।

शादी नहीं करनी तो साफ मना करें, लेकिन हत्या न करें


उमा रघुवंशी ने युवतियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि किसी कारणवश शादी नहीं करनी है तो स्पष्ट रूप से मना कर देना चाहिए, लेकिन किसी की जान लेने का रास्ता कभी नहीं चुनना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर किसी लड़की को विवाह स्वीकार नहीं है तो वह अपने परिवार से खुलकर बात करे, लेकिन किसी निर्दोष युवक की हत्या करना किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से कई परिवार पूरी तरह बिखर जाते हैं और माता-पिता जीवनभर इस दर्द को झेलते रहते हैं।
जमानत मिलने पर जताई नाराजगी

राजा रघुवंशी की मां ने सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में आरोपियों को इतनी आसानी से राहत मिलना समाज के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उनके अनुसार, इससे अपराध करने वालों के मन में कानून का डर कम हो सकता है।

उन्होंने कहा, सोनम को जमानत मिलना बिल्कुल उचित नहीं था। इससे समाज में गलत संदेश गया है। अब अपराध करने वाले यह सोच सकते हैं कि यदि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद जमानत मिल सकती है तो वे भी कानून से बच निकलेंगे। पहले ही अपराधियों में पकड़े जाने का डर कम है, ऊपर से इस तरह के फैसले उनका मनोबल बढ़ा सकते हैं।

उमा रघुवंशी ने यह भी कहा कि उन्हें आशंका है कि ऐसे मामलों में मिली राहत से दूसरे आरोपी भी प्रभावित हो सकते हैं।

राजा रघुवंशी हत्याकांड

वर्ष 2025 में इंदौर के 29 वर्षीय ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी सोनम रघुवंशी से हुई थी। विवाह के केवल नौ दिन बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघालय पहुंचे थे। इसी दौरान सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ था। जांच में मेघालय पुलिस ने आरोप लगाया कि सोनम रघुवंशी ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा और तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिलाया।

केतन अग्रवाल हत्याकांड का मामला

पुणे के 26 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोप लगाया है कि उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर उन्हें लोहगढ़ किले की पहाड़ी से धक्का दिया। जांच एजेंसियों के अनुसार, सिया ने सगाई तोड़ने से होने वाली बदनामी से बचने के लिए इस कथित साजिश को अंजाम दिया और बाद में पूरी घटना को ट्रेकिंग के दौरान हुआ हादसा दिखाने की कोशिश की।

केतन के परिवार से न्याय की लड़ाई जारी रखने की अपील

उमा रघुवंशी ने केतन अग्रवाल के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हिम्मत बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उन्हें स्वयं अभी तक अपने बेटे के मामले में पूर्ण न्याय मिलने का इंतजार है, लेकिन इसके बावजूद वे केतन के परिवार से कहेंगी कि वे न्याय की लड़ाई अंत तक लड़ें।

उन्होंने कहा, मैं आज भी अपने बेटे के लिए न्याय की उम्मीद लगाए बैठी हूं। केतन के परिवार से मेरी यही अपील है कि वे हार न मानें और तब तक संघर्ष करें जब तक दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम सजा नहीं मिल जाती। साथ ही उन्होंने कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराधों में दोषी साबित होने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।