कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच राहुल गांधी के विदेश जाने पर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं। इसी मुद्दे पर जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर से पत्रकारों ने सवाल किया, तो उन्होंने तीखा जवाब देते हुए कहा, “मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं।” उस समय थरूर केरल में थे और पत्रकारों ने उनसे राहुल गांधी के विदेश जाने की वजह जाननी चाही थी।
राहुल गांधी की यात्रा पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए शशि थरूर ने कहा कि उनसे यह पूछने का कोई मतलब नहीं है कि वह दिल्ली छोड़कर केरल क्यों आए हैं। उन्होंने कहा, “हर व्यक्ति की अपनी कुछ जिम्मेदारियां होती हैं। इसलिए, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।” थरूर के इस जवाब ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस नेताओं के रुख को सामने रखा।
राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा पर बीजेपी ने क्या आरोप लगाए?राहुल गांधी देश में विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के बीच चार दिन की वियतनाम यात्रा पर गए हैं। बीजेपी ने उनकी इस यात्रा की कड़ी आलोचना की है। पार्टी पहले भी राहुल गांधी के विदेश दौरों पर सवाल उठाती रही है और राजनीतिक टकराव के दौरान इन यात्राओं को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधती रही है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान लगातार झूठ बोलने के बाद राहुल गांधी छुट्टी मनाने चले गए। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें कथित तौर पर राहुल गांधी वियतनाम जाने वाली एक फ्लाइट में बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को साझा करते हुए बीजेपी ने उनके विदेश दौरों के उद्देश्य पर सवाल उठाया। पार्टी ने पूछा, “राहुल गांधी के विदेश दौरों का एजेंडा क्या है?”
संबित पात्रा ने जॉर्ज सोरोस को लेकर लगाए आरोपबीजेपी नेता संबित पात्रा ने भी राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर उन पर निशाना साधा। उन्होंने गांधी पर सत्ता परिवर्तन की साजिश रचने का आरोप लगाया और दावा किया कि राहुल गांधी विदेश में “जॉर्ज सोरोस से क्लास लेने” गए थे। संबित पात्रा ने आरोप लगाते हुए कहा, “उनके आका, उनके सरगना राहुल गांधी विदेश गए थे ताकि जॉर्ज सोरोस और उनकी कंपनी से यह सीख सकें कि भारत को कैसे बर्बाद किया जाए, सत्ता परिवर्तन कैसे लाया जाए, और उनसे कहाँ चूक हुई... उन्होंने हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन भारत की जनता ने उनका साथ नहीं दिया।”
उन्होंने आगे दावा किया कि अब राहुल गांधी का पूरा ध्यान इस बात पर है कि आगे क्या करना है और अपने एजेंडे को किस तरह आगे बढ़ाना है। पात्रा ने आरोप लगाया कि इस एजेंडे का मकसद भारत को बर्बादी की कगार पर पहुंचाना और देश में सत्ता परिवर्तन कराना है। ये आरोप बीजेपी नेता की ओर से लगाए गए हैं।
कांग्रेस ने राहुल गांधी का किया बचावबीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी की यात्रा पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या राहुल गांधी विदेश में छुट्टियां मनाने गए हैं या अपने उन साथियों से मिलने गए हैं, जिन पर उन्होंने अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। इस बयान के बाद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने राहुल गांधी का बचाव किया और कहा कि उनकी भी अपनी जिम्मेदारियां हैं। संदीप दीक्षित ने सवाल उठाया कि क्या दूसरे लोग विदेश यात्रा नहीं करते हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी एक व्यक्ति हैं, विपक्ष के नेता हैं; उनकी कुछ जिम्मेदारियां हैं। वे येल यूनिवर्सिटी में छात्रों से बातचीत करते हैं, लंदन में छात्रों से मिलते हैं और वहां के बुद्धिजीवियों से चर्चा करते हैं। वे प्रेस को इंटरव्यू भी देते हैं - एक ऐसा काम जो प्रधानमंत्री नहीं करते। तो फिर, बीजेपी को इससे क्या दिक्कत है?”
कांग्रेस नेता के इस बयान का मुख्य जोर राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को उनकी जिम्मेदारियों और संवाद से जोड़ने पर रहा। वहीं, बीजेपी उनकी वियतनाम यात्रा और विदेश दौरों के उद्देश्य को लेकर सवाल उठा रही है। इस तरह राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है।