प्रियंका गांधी का चुनाव आयोग पर हमला, बोलीं- लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ देश से गद्दारी

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड दौरे के दौरान चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने विशेष रूप से वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त को मिले कानूनी संरक्षण पर सवाल उठाए। प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर किसी ने चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इसे देश के प्रति गंभीर अपराध बताया।

वोटर लिस्ट में नाम हटाने को लेकर प्रियंका का आरोप

प्रियंका गांधी ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया के दौरान करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र, संविधान और देश के खिलाफ आपराधिक कृत्य बताया। यह आंकड़ा और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर उनके आरोप हैं, जिन्हें उन्होंने वायनाड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रखा।

प्रियंका गांधी ने कहा कि चुनाव की प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने वाला कोई भी व्यक्ति देश के साथ गद्दारी कर रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को मिलने वाले कानूनी संरक्षण पर भी सवाल उठाया और कहा कि यदि कोई गैरकानूनी काम हुआ है तो संबंधित व्यक्ति को भी कानून के तहत कार्रवाई का सामना करना चाहिए।

मुख्य चुनाव आयुक्त के कानूनी संरक्षण पर सवाल

प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे पद पर बैठे किसी व्यक्ति को गैरकानूनी गतिविधियों के मामले में ऐसा कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए। उनका कहना था कि यदि चुनावी प्रक्रिया में अवैध तरीके से हस्तक्षेप किया गया है तो उस पर आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त को कथित गड़बड़ी की जानकारी थी और उनके सहयोगियों ने भी इस ओर ध्यान दिलाया था, फिर भी उसे नजरअंदाज किया गया, तो यह गंभीर मामला है। प्रियंका गांधी ने इसी आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने और देशद्रोह के तहत कार्रवाई की मांग की।

हालांकि, प्रियंका गांधी के ये आरोप और मांगें राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आई हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की स्थिति में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

SIR को लेकर चल रहा विवाद

प्रियंका गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। 23 सितंबर को भी उन्होंने कहा था कि अगर किसी चुनाव में कथित हेरफेर हुआ और जिम्मेदार लोगों को इसकी जानकारी थी, तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

24 सितंबर को वायनाड में दिए बयान में उन्होंने इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग रखी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में कथित गैरकानूनी हस्तक्षेप को सामान्य प्रशासनिक मामला नहीं माना जाना चाहिए।
ईएसजेड के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन का भी मुद्दा उठाया

वायनाड दौरे के दौरान प्रियंका गांधी ने इको-सेंसिटिव जोन यानी ESZ के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ गांवों को इसमें शामिल किए जाने की बात सामने आ रही है और यह स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है।

उन्होंने कहा कि लोगों की आजीविका, उनके घर और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। प्रियंका गांधी ने कहा कि इस विषय पर राज्य सरकार और केंद्र के स्तर पर बातचीत हो रही है और कांग्रेस लोगों के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर काम करेगी।

प्रियंका ने कार्रवाई की मांग दोहराई

प्रियंका गांधी ने अपने बयान में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों को गंभीर बताया और कहा कि यदि किसी जिम्मेदार अधिकारी ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसे भी कानूनी प्रक्रिया का सामना करना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को सामान्य आपराधिक कार्रवाई से अलग संरक्षण दिए जाने पर सवाल उठाते हुए आपराधिक मुकदमे और देशद्रोह के तहत कार्रवाई की मांग की।