वैश्विक तनाव के बीच अब भारत में भी ईंधन की कीमतों पर असर साफ दिखाई देने लगा है। ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात के कारण जहां पहले से ही एलपीजी की सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है, वहीं अब तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।
20 मार्च 2026 को देश की प्रमुख तेल कंपनियों ने अपने प्रीमियम पेट्रोल के रेट में संशोधन करते हुए कीमतों में इजाफा किया है। Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) का ‘स्पीड’, Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) का ‘पावर’ और Indian Oil Corporation Limited (IOCL) का ‘एक्सपी95’ जैसे हाई-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.09 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और मध्य पूर्व में जारी तनाव ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में यह बढ़ोतरी आने वाले दिनों में सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतों को भी प्रभावित कर सकती है।
प्रीमियम पेट्रोल आम तौर पर हाई-परफॉर्मेंस वाहनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसके दाम बढ़ने का असर ऑटोमोबाइल सेक्टर और उपभोक्ता खर्च पर भी पड़ सकता है। लगातार बढ़ती लागत के कारण परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
माना जा रहा है कि यदि वैश्विक हालात जल्द नहीं सुधरे, तो ईंधन की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में आने वाले समय में आम जनता को पेट्रोल की कीमतों के मोर्चे पर और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।