वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर दिए बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस वक्त यह बयान क्यों आया, इसकी वजह समझ नहीं आ रही। इमरान मसूद ने सुझाव दिया कि शायद यह बयान चुनाव आयोग पर लगे आरोपों से ध्यान हटाने और माहौल बदलने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम अपनी सेना पर पूरा भरोसा करते हैं और उनके साहस और पराक्रम को सलाम करते हैं। लेकिन फिर भी सवाल है कि POK पर झंडा फहराने का साहस होने के बावजूद, आखिर यह कदम क्यों नहीं उठाया गया?
इमरान मसूद ने आगे बताया कि संसद में इस विषय पर जवाब मांगा गया था, लेकिन जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यस्थता की बात कही, तो युद्ध विराम हो गया। उन्होंने कहा कि तीसरे पक्ष की दखलंदाजी में युद्ध समाप्त कर दिया गया। इसके अलावा, इमरान मसूद ने राहुल गांधी से जुड़े चुनाव आयोग विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के खिलाफ ठोस सबूत प्रस्तुत किए हैं, जिसमें मतदाता सूची में गड़बड़ी की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को डिजिटल डेटा सार्वजनिक करना चाहिए, क्योंकि वोटर लिस्ट में खामियां हैं, और यह वोट चोरी को बढ़ावा दे सकता है। मसूद ने सुप्रीम कोर्ट से भी आग्रह किया कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच करें। राहुल गांधी ने क्या कहा?
8 अगस्त 2025 को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मतदाता सूची में कथित धांधली के मामले को उठाते हुए दावा किया था कि अगर चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक डेटा उपलब्ध कराए तो कांग्रेस यह साबित कर सकती है कि नरेंद्र मोदी ‘वोट चोरी करके’ देश के प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित ‘वोट अधिकार रैली’ में भी इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया। राहुल गांधी ने कहा कि इस घोटाले के जिम्मेदार अधिकारियों को एक दिन सजा मिलना तय है क्योंकि यह एक अपराध है। उन्होंने कर्नाटक सरकार से इस मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।