NTPC ने सरकार को दिया ₹2,666.58 करोड़ का डिविडेंड, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर को दिया चेक

देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनी एनटीपीसी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित करते हुए भारत सरकार को 2,666.58 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 27 फरवरी को एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह डिविडेंड चेक केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर को सौंपा।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह भुगतान वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घोषित दूसरे अंतरिम डिविडेंड के तहत किया गया है, जो कंपनी की चुकता शेयर पूंजी का 27.50 प्रतिशत है। इस कदम के साथ एनटीपीसी ने एक बार फिर सरकार के प्रति अपनी वित्तीय प्रतिबद्धता को दोहराया है।

प्रति शेयर ₹2.75 का अंतरिम डिविडेंड

गौरतलब है कि एनटीपीसी लगातार 33वें वर्ष सरकार को डिविडेंड प्रदान कर रही है, जो उसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। वर्तमान में भारत सरकार की कंपनी में 51 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है, जिससे सरकार को डिविडेंड के रूप में बड़ा लाभ मिलता है।

एनटीपीसी ने 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 2.75 रुपये का दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया था। इस डिविडेंड के लिए 6 फरवरी को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की गई थी।

एनटीपीसी देश की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादन कंपनी है और भारत की कुल बिजली मांग का लगभग एक-चौथाई हिस्सा पूरा करती है। कंपनी के पास फिलहाल 88 गीगावाट (88,000 मेगावाट) से अधिक स्थापित क्षमता है। इसके अलावा करीब 32 गीगावाट क्षमता की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जो भविष्य में इसकी उत्पादन क्षमता को और मजबूत करेंगी।
शेयर बाजार में सपाट बंद हुआ स्टॉक

शुक्रवार को शेयर बाजार में एनटीपीसी का स्टॉक बीएसई पर 381.85 रुपये पर बिना किसी बदलाव के बंद हुआ। हालांकि दिन के कारोबार के दौरान शेयर 380.20 रुपये के निचले स्तर से लेकर 385.10 रुपये के उच्च स्तर तक गया।

एनटीपीसी का शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। इसका 52-वीक हाई 388.50 रुपये है, जबकि 52-वीक लो 306.70 रुपये दर्ज किया गया है। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का मौजूदा बाजार पूंजीकरण 3,70,267.20 करोड़ रुपये है, जो इसे देश की सबसे मूल्यवान सरकारी कंपनियों में से एक बनाता है।