INDIA गठबंधन की रैली पर नितिन नवीन का तंज, बोले- CJP और विपक्ष साथ आएं तो निपटना आसान होगा

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और INDIA गठबंधन को लेकर तंज कसते हुए कहा है कि वह दोनों को एक साथ देखना चाहते हैं, ताकि उनसे आसानी से निपटा जा सके। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की रैली को समर्थन देने का ऐलान किया है। नितिन नवीन ने एक टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान विपक्षी गठबंधन और CJP को एक ही राजनीतिक खेमे का हिस्सा बताते हुए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब यह बात खुलकर सामने आ गई है कि दोनों साथ हैं। भाजपा अध्यक्ष की यह टिप्पणी CJP के रैली को समर्थन देने के फैसले के बाद आई है।

नितिन नवीन बोले- दोनों एक साथ आ जाएं, ताकि आसानी से निपट सकें


रिपब्लिक भारत के कार्यक्रम में नितिन नवीन से पूछा गया कि CJP ने INDIA गठबंधन की 1 नवंबर को होने वाली रैली को समर्थन दिया है। इस घटनाक्रम को भाजपा किस तरह देखती है? जवाब में भाजपा अध्यक्ष ने कहा, हम भी चाहते हैं कि ये जो अराजकों का एक समूह है, एक साथ दिखे, ताकि हम इनसे आसानी से निपट सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक ये अलग-अलग रहकर काम करने का भ्रम पैदा कर रहे थे, जबकि वास्तव में इनकी राजनीतिक सोच एक जैसी है। नवीन ने आगे कहा कि अब ये खुद घोषणा कर रहे हैं कि वे एक ही हैं। उन्होंने INDIA गठबंधन को 'अराजकता की मानसिकता वाला समूह' बताते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा।

पंजाब से फंड लेकर चुनाव लड़ने का भी लगाया आरोप


नितिन नवीन ने अपने बयान में आम आदमी पार्टी और CJP के बीच संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग पंजाब से फंड लेकर चुनाव लड़ते हैं और पार्टी चलाते हैं। नवीन ने आम आदमी पार्टी को CJP से जुड़े लोगों का शागिर्द बताते हुए कहा कि जनता को इनके बारे में कोई भ्रम नहीं है। ये आरोप भाजपा अध्यक्ष ने अपने राजनीतिक बयान के दौरान लगाए हैं। उन्होंने इसके समर्थन में कोई विस्तृत दस्तावेज या अलग से प्रमाण पेश नहीं किया।

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना, विकास के मुद्दे पर घेरा

नितिन नवीन इससे पहले भी कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी और विपक्ष के दूसरे नेता देश में अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष का कहना था कि विपक्ष के पास केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठाने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भी विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है, विपक्ष के कुछ नेता उससे बचते दिखाई देते हैं। नवीन ने यह भी कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को लोकसभा में विकास के मुद्दों पर चर्चा करते नहीं सुना। यह उनकी ओर से विपक्ष की कार्यशैली को लेकर की गई राजनीतिक आलोचना थी। CJP ने 1 नवंबर की रैली को क्यों दिया समर्थन? कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 28 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर INDIA गठबंधन की रैली को समर्थन देने की घोषणा की थी। उन्होंने लिखा था, 'GYANU MUST GO! The Cockroach Janta Party extends its support to the INDIA Bloc’s November 1 rally. Nation above all!'


CJP ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र का बुनियादी सिद्धांत यह है कि जनता अपनी सरकार चुनती है, न कि सरकार अपने मतदाताओं को चुनती है। पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए मतदाता सूची से योग्य नागरिकों के नाम हटाए जाने की आशंका जताई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। CJP का आरोप है कि SIR प्रक्रिया ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की निगरानी को लेकर चुनाव आयोग पर लोगों के भरोसे को कमजोर किया है। पार्टी ने कहा कि संविधान ने हर वयस्क नागरिक को समान मतदान का अधिकार दिया है और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी इस अधिकार की रक्षा करना है। दीपके ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी देश में निष्पक्ष चुनावों के लिए आवाज उठाने वाले सभी संगठनों के साथ खड़ी है। हालांकि, रैली को समर्थन देने की घोषणा और उसमें पार्टी के नेताओं की प्रत्यक्ष भागीदारी की पुष्टि अलग-अलग बातें हैं।
10 लाख लोगों के जुटने का कांग्रेस का दावा, व्यापारियों ने जताई चिंता

INDIA गठबंधन की 1 नवंबर को होने वाली रैली को लेकर कांग्रेस ने करीब 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया है। इतने बड़े आयोजन की संभावना को देखते हुए दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने कांग्रेस नेतृत्व से रैली की तारीख पर दोबारा विचार करने की अपील की है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली को दीपावली के बाद कराने का अनुरोध किया है। व्यापारियों का कहना है कि रामलीला मैदान के आसपास चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली और भागीरथ पैलेस जैसे बड़े थोक और खुदरा बाजार हैं। रैली के दौरान यातायात प्रतिबंध, बैरिकेडिंग और वाहनों की आवाजाही पर रोक से इन बाजारों का कारोबार प्रभावित हो सकता है। व्यापारिक संगठन ने आशंका जताई है कि रैली के कारण त्योहारों के खरीदारी वाले अहम समय में करीब 10 हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार प्रभावित हो सकता है। यह व्यापारियों का अनुमान है, किसी वास्तविक नुकसान का आंकड़ा नहीं। संगठन ने राहुल गांधी से मिलने के लिए 20 मिनट का समय भी मांगा था, ताकि विभिन्न बाजारों के प्रतिनिधि अपनी परेशानी बता सकें। व्यापारियों की मांग है कि रैली को 10 नवंबर के बाद कराया जाए, ताकि धनतेरस, दीपावली और भाई दूज के दौरान बाजारों का कारोबार प्रभावित न हो। इस मुद्दे पर व्यापारिक संगठनों ने विपक्षी गठबंधन के दूसरे नेताओं से भी हस्तक्षेप करने की अपील की है।

दिल्ली में सुरक्षा के लिए CAPF की 270 कंपनियां तैनात


INDIA गठबंधन की रैली को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 270 कंपनियों की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ा दी है। यह तीसरी बार है जब इन बलों की तैनाती की अवधि बढ़ाई गई है। गृह मंत्रालय ने 31 अक्टूबर से 16 नवंबर तक के लिए इस तैनाती को विस्तार दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, इसका उद्देश्य 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। इसके अलावा, कुछ संगठनों की ओर से अचानक विरोध प्रदर्शन किए जाने की आशंका और त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को भी ध्यान में रखा गया है। CAPF कंपनियां इससे पहले अक्टूबर में CJP के विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर दिल्ली में तैनात की गई थीं। अब INDIA गठबंधन की रैली और अन्य संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए इनकी तैनाती जारी रखने का फैसला लिया गया है।