NEET UG-2026 पेपर लीक मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, 5 आरोपी दबोचे गए, कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी

NEET UG-2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। देशभर में चर्चा का विषय बने इस केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई तेज करते हुए अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

CBI अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क होने की आशंका जताई जा रही है। एजेंसी फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और कई अन्य संदिग्ध लोगों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

12 मई को दर्ज हुआ था मामला


इस पूरे मामले में CBI ने 12 मई को आधिकारिक तौर पर केस दर्ज किया था। जांच एजेंसी को यह शिकायत केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि NEET UG-2026 परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और प्रश्नपत्र लीक होने की संभावना है।

इसी आधार पर CBI ने FIR दर्ज करते हुए कई गंभीर धाराओं के तहत जांच शुरू की। केस में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप शामिल किए गए हैं। इसके अलावा नए कानून Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के तहत भी कार्रवाई की जा रही है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए लागू किया गया है।

कई राज्यों से हुई गिरफ्तारियां

अब तक हुई कार्रवाई में CBI ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन आरोपी राजस्थान के जयपुर से पकड़े गए हैं। वहीं एक आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य को महाराष्ट्र के नासिक से हिरासत में लिया गया है।

जांच एजेंसी का मानना है कि यह नेटवर्क अलग-अलग राज्यों में फैला हो सकता है और इसमें कई स्तरों पर लोगों की संलिप्तता हो सकती है। इसी वजह से CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र किस तरह लीक हुआ और इसे छात्रों तक पहुंचाने में किन लोगों ने भूमिका निभाई।
देशभर में छापेमारी, डिजिटल सबूत जब्त

CBI ने इस मामले में राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की है। हालांकि एजेंसी ने सभी स्थानों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार कई शहरों में कार्रवाई जारी है।

छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं। अब इन डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि पेपर किस माध्यम से लीक हुआ और किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया।

SOG के साथ मिलकर हो रही जांच

इस केस में CBI राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के साथ भी लगातार संपर्क में है। शुरुआती जांच SOG ने ही शुरू की थी और उसी दौरान कुछ अहम सुराग एजेंसियों के हाथ लगे थे। अब CBI उन्हीं सुरागों के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।

जांच एजेंसियां मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया गतिविधियों का भी विश्लेषण कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के जरिए पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में गिनी जाती है, जिसमें हर साल लाखों छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

CBI ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से की जाएगी, ताकि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे। फिलहाल पूरे देश की नजर इस जांच पर टिकी हुई है कि आखिर इस कथित पेपर लीक के पीछे कौन लोग थे और इसका नेटवर्क कितना बड़ा था।