NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने केस दर्ज होते ही तेज कार्रवाई शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अपनी शुरुआती जांच के दौरान राजस्थान के जमवारामगढ़ इलाके से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिया गया शख्स ऐसे परिवार से जुड़ा है, जिसके दोनों बेटे डॉक्टर हैं। हालांकि अभी तक CBI की ओर से आधिकारिक रूप से उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश जारी है।
जानकारी के अनुसार, NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से लिखित शिकायत भेजी गई थी। इसी शिकायत के आधार पर CBI ने औपचारिक रूप से FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए कई कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
CBI द्वारा दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूत मिटाने जैसी धाराएं शामिल की गई हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और Public Examination Prevention of Unfair Means Act 2024 के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। एजेंसी का मानना है कि यह मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसमें संगठित नेटवर्क और कई स्तरों पर मिलीभगत की संभावना भी हो सकती है।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि NEET UG-2026 परीक्षा का आयोजन National Testing Agency (NTA) द्वारा 3 मई 2026 को किया गया था। परीक्षा से पहले कथित रूप से कुछ संवेदनशील दस्तावेज और प्रश्नपत्र से जुड़ी सामग्री अनधिकृत तरीके से वायरल हुई थी। NTA को सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों से इस संबंध में कई शिकायतें और इनपुट मिले थे, जिसके बाद मामला गंभीर होता चला गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इन घटनाओं ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसी वजह से केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला लिया। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित लीक की शुरुआत कहां से हुई, इसमें किन लोगों की भूमिका थी और यह नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ था।
सूत्रों का कहना है कि CBI ने मामले की जांच के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं। अलग-अलग राज्यों और संदिग्ध ठिकानों पर जांच दल भेजे जा रहे हैं ताकि डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया चैट्स, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की जा सके। शुरुआती जांच में राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और कुछ दक्षिण भारतीय राज्यों के बीच संभावित लिंक भी सामने आए हैं।
जमवारामगढ़ से हिरासत में लिए गए व्यक्ति से भी इसी नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या वह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा था या उसके जरिए प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी आगे पहुंचाई गई थी। फिलहाल CBI पूरे मामले में तकनीकी और वित्तीय एंगल की भी जांच कर रही है।
उधर, NTA पहले ही NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान कर चुकी है। एजेंसी का कहना है कि छात्रों के हित और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में भरोसा बनाए रखने के लिए यह फैसला जरूरी था। नई परीक्षा की तारीख और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी जल्द आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से जारी की जाएगी।
CBI अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी का फोकस अब पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड, संभावित अंदरूनी मददगारों और पेपर लीक से लाभ उठाने वाले लोगों तक पहुंचने पर है। फिलहाल देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक इस जांच के अगले चरण का इंतजार कर रहे हैं।