नलगोंडा जिले में प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की हत्या की जांच में पुलिस ने उसी स्कूल के 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त को रूपा की उनके घर में हत्या कर दी गई थी और शव मिलने के बाद जांच शुरू हुई। मामले में जांचकर्ताओं को एक फोन कॉल के दौरान बोले गए ‘बाबू’ शब्द से अहम दिशा मिली, जिसके बाद स्कूल के छात्रों की भूमिका को लेकर पड़ताल आगे बढ़ी।
घर में अकेली थीं रूपा रेड्डी35 वर्षीय रूपा रेड्डी 11 अगस्त को अपने घर में अकेली थीं। पुलिस के मुताबिक, उनकी हत्या चाकू से की गई और शरीर पर 27 वार के निशान मिले। शुरुआती जांच में पुलिस ने उनके पति से भी पूछताछ की थी, लेकिन आगे की जांच में संदेह की दिशा बदल गई।
पुलिस के लिए अहम सुराग रूपा की अपनी आंटी से हुई आखिरी फोन बातचीत बनी। फोन बंद होने से पहले उन्होंने कथित तौर पर ‘बाबू’ शब्द कहा था। इसी आधार पर जांचकर्ताओं ने स्कूल से जुड़े लोगों और छात्रों के बारे में भी जानकारी जुटानी शुरू की।
पैसे खर्च करने और पार्टी करने से बढ़ा शकजांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्या के बाद दो नाबालिग छात्र अचानक पैसे खर्च कर रहे थे और दोस्तों के साथ पार्टियां कर रहे थे। इसके बाद दोनों को बुधवार सुबह हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने एक नाबालिग के पास से 1.51 लाख रुपये नकद और एक आईफोन बरामद किया। नलगोंडा के एसपी शरत चंद्र पवार के अनुसार, छात्र ने शुरुआती तौर पर दावा किया कि यह पैसा उसके माता-पिता ने दिया था। हालांकि, पुलिस की जांच में बरामद नकदी की फॉरेंसिक जांच के दौरान इंसानी खून के निशान मिलने की बात सामने आई।
करीब 15 दिन पहले सामने आया था विवादपुलिस के अनुसार, हत्या से लगभग 15 दिन पहले रूपा की नजर एक नाबालिग छात्र पर पड़ी थी। वह कथित तौर पर एक बैग में मोबाइल फोन और नकदी के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद उसे डांट-फटकार लगाई गई और हॉस्टल से निकाल दिया गया था।
जांचकर्ताओं को आशंका है कि इसी घटना के कारण छात्र के मन में रूपा के प्रति नाराजगी पैदा हुई और बाद में उनके घर को निशाना बनाने की योजना बनी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसे हत्या का अंतिम मकसद घोषित नहीं किया है।
वारदात से पहले की गई थी रेकीपुलिस के मुताबिक, हत्या की कथित योजना घटना से करीब पांच दिन पहले बनाई गई थी। जांच में सामने आया है कि दोनों नाबालिगों ने कथित तौर पर वारदात के लिए चाकू और दस्ताने जुटाए थे। उन्होंने इलाके की रेकी भी की थी और सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन पर नजर रखी थी।
पुलिस को शक है कि छात्रों को जानकारी थी कि 11 अगस्त को स्कूल में फीस जमा होनी थी, इसलिए उन्हें रूपा के घर में नकदी होने की उम्मीद थी।
एक घर के अंदर गया, दूसरा बाहर रहापुलिस की जांच के अनुसार, वारदात वाले दिन एक नाबालिग कंपाउंड की दीवार फांदकर घर के भीतर दाखिल हुआ, जबकि दूसरा बाहर इंतजार करता रहा। पुलिस का दावा है कि अंदर गए छात्र को डर था कि रूपा उसे पहचान सकती हैं और चोरी की शिकायत कर सकती हैं। इसी आशंका के चलते उसने कथित तौर पर रूपा पर हमला किया।
जांच के मुताबिक, हत्या के बाद करीब 2.5 लाख रुपये नकद लेकर आरोपी वहां से निकल गए। पुलिस ने यह भी बताया कि सबूत मिटाने की कोशिश में नाबालिग ने घटना के समय पहने कपड़े एक नाले में फेंक दिए।
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेशीएसपी शरत चंद्र पवार के अनुसार, दोनों नाबालिगों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है और उन्हें जुवेनाइल होम भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। कथित चोरी और पहले हुई डांट-फटकार के अलावा हत्या के पीछे के वास्तविक मकसद को लेकर जांच अभी जारी है। पुलिस ने फिलहाल इस मामले में अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।