देशभर में मौसम ने इस समय कई रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं, जहां एक तरफ उत्तर और मध्य भारत भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश से राहत का माहौल बना हुआ है। इसी बीच मॉनसून को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस बार सामान्य से पहले, यानी करीब 26 मई तक केरल तट पर पहुंच सकता है, जबकि इसकी सामान्य शुरुआत 1 जून मानी जाती है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में मौसम का मिला-जुला और बेहद अस्थिर रूप देखने को मिल रहा है, जहां कहीं आंधी-तूफान तो कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है।
उत्तर प्रदेश में तूफान और लू का दोहरा असरउत्तर प्रदेश इस समय गंभीर मौसमीय परिस्थितियों से गुजर रहा है। हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान ने राज्य में भारी नुकसान पहुंचाया, जिसमें 100 से अधिक लोगों की जान जाने की खबर ने स्थिति को और चिंताजनक बना दिया है। मौसम विभाग ने आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, बलिया और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 60–65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 16 से 21 मई के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में भीषण लू का प्रभाव और बढ़ सकता है। खासतौर पर 18 और 19 मई को ‘गंभीर हीटवेव’ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे हालात और कठिन हो सकते हैं।
मॉनसून की रफ्तार और समुद्री परिस्थितियांअंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में 16 मई के आसपास मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में नमी और हवाओं का पैटर्न मॉनसून के आगमन को समर्थन दे रहा है।
हालांकि, प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो (El Niño) की स्थिति इस बार मानसून की कुल वर्षा को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके चलते कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में बढ़ती गर्मीदेश के उत्तर, पश्चिम और मध्य हिस्सों में आने वाले दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है, जिससे गर्मी और अधिक तेज हो सकती है।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17 से 21 मई के बीच भीषण हीटवेव का अलर्ट जारी है। दिल्ली में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और आसमान साफ रहने की संभावना है। हालांकि आज शाम कुछ क्षेत्रों में हल्के बादल और 20–30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, लेकिन गर्मी से राहत की उम्मीद कम है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र भी गर्मी की मार झेल रहे हैं। पूर्वी राजस्थान में 16 से 21 मई, जबकि मध्य प्रदेश और विदर्भ में 15 से 21 मई तक लू की स्थिति बनी रह सकती है। पश्चिम मध्य प्रदेश में तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक अधिक दर्ज किया गया है। राजस्थान के अलवर, जोधपुर, अजमेर और उदयपुर जैसे जिलों में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी और बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में भी 21 मई तक भीषण लू का असर जारी रहने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है, जहां छत्तीसगढ़ में 18 से 21 मई और झारखंड में 16 से 18 मई तक हीटवेव की चेतावनी दी गई है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश का दौरजहां उत्तर और मध्य भारत गर्मी से परेशान है, वहीं देश के पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्सों में प्री-मॉनसून बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे कई क्षेत्रों में तापमान में हल्की गिरावट और राहत की स्थिति बनी हुई है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्टअसम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले एक सप्ताह तक मौसम बेहद सक्रिय रहने की संभावना है। इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं का भी खतरा जताया गया है। लगातार बारिश से कई निचले इलाकों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
पूर्वी भारत में आंधी-तूफान और भारी बारिश का खतरापश्चिम बंगाल (विशेषकर उप-हिमालयी क्षेत्र), सिक्किम, बिहार और ओडिशा में 15 से 20 मई के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिसे स्क्वॉल (Squall) की स्थिति माना जा रहा है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के चलते बिहार के पटना, गया, सीवान और भागलपुर तथा झारखंड के बोकारो, जमशेदपुर और दुमका जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 80 से 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं भी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
दक्षिण भारत में प्री-मॉनसून बारिश तेजकेरल, तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 18 मई के बीच अच्छी से लेकर भारी प्री-मॉनसून बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं। 16 मई के आसपास दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मॉनसून की शुरुआती गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।
अगले सप्ताह का मौसम पूर्वानुमान
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत:दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी का असर और तेज रहेगा। इस सप्ताह किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है और तापमान लगातार बढ़ता रहेगा। वीकेंड तक कई क्षेत्रों में लू अपने चरम पर पहुंच सकती है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
मध्य भारत:मध्य प्रदेश, विदर्भ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अगले 5 से 7 दिनों तक मौसम शुष्क और गर्म बना रहेगा। दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे गर्मी का असर और अधिक महसूस होगा।
दक्षिण और तटीय क्षेत्र:दक्षिण भारत के राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होती रहेंगी। केरल में मॉनसून की संभावित एंट्री से पहले पूरे सप्ताह रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर भारत:पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम खराब बने रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है।
देशभर का समग्र मौसम रुझान
कुल मिलाकर मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि मई 2026 में देशभर में बारिश का स्तर सामान्य से अधिक यानी लगभग 110% LPA तक रह सकता है। इससे कुछ क्षेत्रों में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण प्री-मानसून महीनों (अप्रैल-मई) में लू और अत्यधिक गर्मी वाले दिनों की संख्या और तीव्रता लगातार बढ़ती जा रही है, जो आने वाले समय के लिए चिंता का विषय है।