मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर अहम फैसलों की झड़ी, अहमदाबाद मेट्रो विस्तार और अमरावती प्रोजेक्ट को कैबिनेट मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश के बुनियादी ढांचे को गति देने वाले कई बड़े निर्णय लिए गए। खास तौर पर अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के विस्तार को मंजूरी दी गई, साथ ही आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती से जुड़े दो प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी हरी झंडी दिखाई गई। इन फैसलों को सरकार की विकास केंद्रित नीति के एक और बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

बैठक में लिए गए निर्णयों के तहत गुजरात में अहमदाबाद मेट्रो के फेज 2ए को मंजूरी दी गई है, जिसमें लगभग 6 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस विस्तार में कुल पांच नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे शहर के यातायात नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने की योजना है।

अहमदाबाद मेट्रो विस्तार को मिली बड़ी स्वीकृति


कैबिनेट द्वारा स्वीकृत अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के इस नए चरण पर लगभग 2169 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच मेट्रो नेटवर्क का दायरा बढ़कर करीब 77.63 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस विस्तार से न केवल शहरी आवागमन आसान होगा, बल्कि इससे हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अनुमान के अनुसार इस परियोजना के निर्माण और संचालन चरण में लगभग 2500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती को लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर फैसले

बैठक में आंध्र प्रदेश की प्रस्तावित राजधानी अमरावती के लिए भी दो बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। इनमें केंद्र सरकार के लिए जनरल पूल ऑफिस आवास (GPOA) और जनरल पूल रेजिडेंशियल आवास (GPRA) परियोजनाएं शामिल हैं।

पहली परियोजना के तहत लगभग 23.25 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में 1299 करोड़ रुपये की लागत से सरकारी कार्यालय भवनों का निर्माण किया जाएगा। वहीं दूसरी परियोजना में 31.30 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में 1235 करोड़ रुपये की लागत से आवासीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इन परियोजनाओं को अमरावती को एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने दी फैसलों की जानकारी, राजनीतिक टिप्पणी भी आई सामने

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार देश के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए काम कर रही है और इन परियोजनाओं का उद्देश्य इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए भारत की राजनीतिक यात्रा और नेतृत्व पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश ने अलग-अलग दौर देखे हैं और समय के साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न पृष्ठभूमियों से आए नेताओं ने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

पीएम मोदी के कार्यकाल को लेकर कैबिनेट प्रस्ताव

बैठक में एक विशेष प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे कार्यकाल और उनकी निरंतर सेवा को रेखांकित किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि यह लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां एक निर्वाचित प्रधानमंत्री ने लगातार लंबे समय तक देश का नेतृत्व किया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार 4399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए सेवा का एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसे स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर को केंद्र सरकार ने भारतीय लोकतंत्र की यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण बताया।

विकास परियोजनाओं और राजनीतिक संदेश दोनों का संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे एक व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश भी है। जहां एक ओर अहमदाबाद मेट्रो और अमरावती जैसे प्रोजेक्ट्स देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम हैं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री के कार्यकाल को लेकर पारित प्रस्ताव राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आने वाले समय में इन परियोजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और उनके प्रभाव पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि इन्हीं के आधार पर इन फैसलों की वास्तविक सफलता का आकलन किया जाएगा।