LPG सप्लाई पर बड़ी राहत, होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़े दो जहाज; आज कांडला पहुंचेगा ‘सिमी’

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी चिंता के बीच भारत के लिए राहत देने वाली खबर सामने आई है। एलपीजी सप्लाई को लेकर आशंकाओं के बीच दो बड़े गैस टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ चुके हैं। इन जहाजों में कुल 66 हजार मीट्रिक टन से अधिक रसोई गैस लदी हुई है, जिससे घरेलू आपूर्ति को लेकर सरकार और तेल कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। खास बात यह है कि इनमें से एक जहाज ‘सिमी’ आज गुजरात के दीनदयाल पोर्ट पहुंचने वाला है।

रिपोर्ट्स के अनुसार एलपीजी कैरियर ‘सिमी’ बुधवार को सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका था। यह जहाज कतर के रास लफान टर्मिनल से एलपीजी लेकर भारत के लिए रवाना हुआ था। जहाज में 21 क्रू सदस्य मौजूद हैं और इसके शुक्रवार को गुजरात स्थित कांडला के दीनदयाल बंदरगाह पहुंचने की संभावना जताई गई है। इस पोत में करीब 19,965 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है, जिसे इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के लिए लाया जा रहा है।

वहीं दूसरा जहाज ‘एनवी सनशाइन’ भी गुरुवार सुबह लगभग 9:30 बजे सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है। यह पोत संयुक्त अरब अमीरात की रुवैस रिफाइनरी से 46,427 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत की ओर रवाना हुआ है। वियतनाम ध्वज वाले इस जहाज के 18 मई तक कर्नाटक के न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है। दोनों जहाजों के सुरक्षित गुजरने को भारत के ऊर्जा आयात के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने जानकारी दी कि ‘सिमी’ ने 13 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया था, जबकि ‘एनवी सनशाइन’ ने 14 मई को यह संवेदनशील समुद्री मार्ग सुरक्षित तरीके से पार किया। ऐसे समय में इन जहाजों का गुजरना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि क्षेत्र में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल-गैस आपूर्ति पर असर पड़ रहा है।
हालांकि मौजूदा हालात के बावजूद भारत के लिए राहत की बात यह है कि अब तक कुल 13 भारतीय जहाज इस समुद्री मार्ग से सुरक्षित निकल चुके हैं। इनमें 12 एलपीजी टैंकर और एक कच्चा तेल लेकर जाने वाला टैंकर शामिल है। मार्च की शुरुआत से लगातार भारतीय जहाज इस रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन क्षेत्रीय तनाव के चलते समुद्री गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक अभी भी खाड़ी क्षेत्र में करीब 12 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इसके अलावा कई विदेशी पोत भी भारत के लिए सामान लेकर इस क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनकी आवाजाही पर तनाव का असर पड़ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है और वैश्विक तेल-गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा का असर सीधे ऊर्जा बाजार और ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है।

देश में पहले ही पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में एलपीजी से भरे इन जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना आम लोगों के लिए भी राहत की खबर माना जा रहा है। सरकार और तेल कंपनियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि घरेलू गैस आपूर्ति पर किसी तरह का बड़ा असर न पड़े।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर और दबाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल भारत के लिए राहत की बात यही है कि जरूरी एलपीजी कार्गो लगातार देश तक पहुंच रहे हैं और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह बाधित नहीं हुई है।