केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने पर अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि उनके परिवार का भी संघ से पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने संघ की शताब्दी यात्रा को “वसुधैव कुटुम्बकम्” के संकल्प का प्रतीक बताया और सोशल मीडिया के माध्यम से संघ के स्वयंसेवकों और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
सेवा, संस्कार और समर्पण का संदेशसिंधिया ने अपने पोस्ट में लिखा, विजयादशमी के इस पावन दिन पर संघ का स्थापना दिवस हमारे राष्ट्रजीवन की उस अखंड धारा की याद दिलाता है, जिसने पिछले 100 वर्षों से सेवा, संस्कार और समर्पण का दीप प्रज्वलित रखा है। मेरे परिवार का भी इस महान संगठन से पीढ़ियों पुराना आत्मीय संबंध रहा है। आज मैं श्रद्धा और गर्व के साथ उन सभी स्वयंसेवकों को नमन करता हूं, जिन्होंने तन-मन-धन से राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है।
उन्होंने आगे कहा, संघ की यह शताब्दी यात्रा भारत की चिरंतन चेतना और वसुधैव कुटुम्बकम् के संकल्प का प्रतीक है। इस विशेष अवसर पर मैं सभी स्वयंसेवकों और देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।
गांधी जयंती पर नमनमहात्मा गांधी की जयंती पर सिंधिया ने कहा, स्वदेशी की अलख जगाकर ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला देने वाले हमारे पूज्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को श्रद्धा पूर्वक नमन। बापू के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ स्वदेशी आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण अध्याय था। गांधीजी ने इसे 'स्वराज की आत्मा' कहा और चरखे-खादी को अपनाकर आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान की अलख जगाई। आज उनका संदेश हमें प्रेरित करता है कि हम अपने गांव, अपने कारीगर, अपने किसान और अपने उद्यम को अपनाकर राष्ट्र को सशक्त बनाएं।
लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलिसिंधिया ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। उन्होंने कहा, देश के वीर जवानों और किसानों में नई ऊर्जा का संचार करने वाले, 'जय जवान-जय किसान' के अमर नारे वाले भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी को सादर नमन। उनका त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव हमें प्रेरित करता रहेगा।