‘मोंथा’ चक्रवात का बढ़ता खतरा: किन राज्यों पर पड़ेगा असर और कितनी होगी तबाही, जानें पूरी रिपोर्ट

तेजी से ताकतवर होता जा रहा चक्रवात ‘मोंथा’ अब समुद्र से निकलकर जमीन की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि यह मंगलवार शाम या रात तक आंध्र प्रदेश के काकिनाडा के पास समुद्र तट से टकरा सकता है। बताया जा रहा है कि मोंथा के लैंडफॉल के समय हवाओं की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई जिलों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है।

आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट


IMD हैदराबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक जीएनआरएस श्रीनिवास राव ने बताया कि पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली और मुलुगु जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तर-पूर्वी हिस्सों में यलो अलर्ट लागू है। इन इलाकों में आज से तेज बारिश और तूफानी हवाओं की संभावना है। वहीं, ओडिशा में भी अगले दो से तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। भुवनेश्वर आईएमडी की प्रमुख मनोरमा मोहंती के अनुसार, मोंथा चक्रवात बुधवार सुबह तक और अधिक शक्तिशाली रूप ले सकता है।

मुख्यमंत्री नायडू ने दिए कड़े निर्देश – “तटीय क्षेत्र तुरंत खाली कराएं”

चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आपदा प्रबंधन विभाग को पूरी तैयारी रखने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कमजोर तटीय इलाकों में रह रहे लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि राहत शिविरों में साफ पानी, पौष्टिक भोजन और आवश्यक दवाइयों की समुचित व्यवस्था की जाए। हर जिले में विशेष अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो पानी की निकासी, टैंक और नहरों की स्थिति पर निगरानी रखेंगे ताकि किसी भी तरह का जलजमाव या संक्रमण न हो।

ओडिशा ने की रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी तैयारी

ओडिशा सरकार ने चक्रवात से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। राज्य में 123 फायर यूनिट्स को अलर्ट पर रखा गया है और आठ जिलों को रेड जोन घोषित किया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन बल (ODRAF) की टीमें नाव, राफ्ट और जनरेटर के साथ तैनात हैं। भूस्खलन के खतरे को देखते हुए गजपति और गंजम जिलों में अतिरिक्त रेस्क्यू दल भेजे गए हैं। मछलीपट्टनम तट से लाई गई करीब 30 मछली पकड़ने वाली नावों को गोपालपुर बंदरगाह में सुरक्षित स्थान पर रखा गया है ताकि कोई नुकसान न हो।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों की तैनाती


आंध्र प्रदेश में 11 एनडीआरएफ और 12 एसडीआरएफ टीमें पहले से ही सक्रिय हैं। फायर सर्विस, स्विमर्स, और एम्बुलेंस की टीमें भी चौकन्नी हैं। राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए आपातकालीन फंड जारी कर दिया है। सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। सरकार ने दावा किया है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं ताकि जनहानि और संपत्ति का नुकसान न्यूनतम रहे।