CBSE 12वीं रिजल्ट और ऑन-स्क्रीन मार्किंग पर विवाद गहराया, बोर्ड ने दी सफाई; कम अंकों को लेकर छात्रों में नाराजगी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं के परिणाम और नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) मूल्यांकन प्रणाली को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और गणित जैसे प्रमुख विषयों में अपेक्षा से कम अंक मिलने के बाद कई छात्र, अभिभावक और शिक्षक सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी और चिंता व्यक्त कर रहे हैं। कुछ छात्रों ने यह भी दावा किया है कि जेईई जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के बावजूद वे बोर्ड परीक्षा में असंतोषजनक अंक या असफलता का सामना कर रहे हैं। बढ़ते विवाद के बीच CBSE को स्थिति स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा है।

बोर्ड ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। CBSE के अनुसार, इस डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच स्क्रीन पर की जाती है, जिससे अंक देने की प्रक्रिया अधिक सटीक बनती है और मानवीय त्रुटियों की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। बोर्ड ने यह भी कहा कि प्रणाली का उद्देश्य छात्रों को अधिक न्यायसंगत मूल्यांकन प्रदान करना है।

गौरतलब है कि इस वर्ष CBSE ने पहली बार व्यापक स्तर पर OSM आधारित मूल्यांकन प्रणाली लागू की है। इसके साथ ही कक्षा 12वीं का कुल परिणाम प्रतिशत घटकर 85.2% दर्ज किया गया है, जो पिछले सात वर्षों में सबसे कम माना जा रहा है। इसी गिरावट ने छात्रों के बीच चिंता और असंतोष को और बढ़ा दिया है, जिससे पूरे मूल्यांकन ढांचे पर सवाल उठने लगे हैं।
री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया पर क्या है अपडेट?

ऐसे छात्र जिन्हें लगता है कि उनके अंक अपेक्षा से कम आए हैं, उनके लिए पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। CBSE ने जानकारी दी है कि वर्ष 2026 के कक्षा 12वीं परिणामों के लिए री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया 19 मई से शुरू की जाएगी। इसके तहत छात्र सबसे पहले अपनी जांची हुई उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

फोटोकॉपी प्राप्त करने के बाद छात्र अपने उत्तरों की समीक्षा कर सकते हैं और यदि उन्हें किसी प्रकार की त्रुटि लगती है तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे पूरी प्रक्रिया को ध्यान से समझकर ही आगे कदम उठाएं ताकि किसी प्रकार की गलती या भ्रम से बचा जा सके।