Budget 2026: शराब को लेकर बजट में बड़ा फैसला, कीमतों पर पड़ा सीधा असर

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौवां आम बजट पेश कर दिया है। बजट 2026 के ऐलानों के साथ ही आम जनता से लेकर कारोबार जगत तक हर कोई यह समझने में जुटा है कि किसे राहत मिली और किस पर अतिरिक्त बोझ पड़ा। इस बजट में कई वस्तुओं के दाम घटे हैं, तो कुछ चीजें पहले से महंगी हो गई हैं। खासतौर पर शराब को लेकर किया गया फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है। बजट के बाद शराब की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। इसके साथ ही सिगरेट भी महंगी हुई है, जबकि बीड़ी पीने वालों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, क्योंकि बीड़ी के दाम घटाए गए हैं।

किन चीजों पर बढ़ा खर्च?

बजट 2026 के बाद शराब के अलावा कुछ अन्य सेक्टरों में भी महंगाई देखने को मिलेगी। स्क्रैप और खनिज से जुड़े उत्पादों की कीमतें बढ़ेंगी। वहीं, शेयर बाजार से जुड़े निवेशकों के लिए भी एक झटका है, क्योंकि फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग को महंगा कर दिया गया है। इन फैसलों का असर सीधे तौर पर उद्योग और निवेशकों की लागत पर पड़ सकता है।

किन चीजों पर मिली राहत?

बजट में कई ऐसे ऐलान भी किए गए हैं, जो आम आदमी की जेब को राहत देने वाले हैं। बजट के बाद:

खेल-कूद से जुड़े सामान सस्ते होंगे।

डायबिटीज और कैंसर की दवाओं के दाम घटेंगे।

कैंसर की 17 जरूरी दवाएं सस्ती की जाएंगी।

इसके अलावा 7 गंभीर बीमारियों की दवाओं की कीमतों में भी कटौती होगी।

बीड़ी के दाम कम किए गए हैं।

चमड़े के जूते और अन्य लेदर प्रोडक्ट्स सस्ते होंगे।

मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बैटरियां सस्ती होंगी।

बायोगैस से मिश्रित CNG के दाम घटेंगे।

माइक्रोवेव ओवन अब कम कीमत पर उपलब्ध होंगे।

सोलर एनर्जी से जुड़े उपकरण सस्ते किए गए हैं।

कपड़ों की कीमतों में भी नरमी देखने को मिलेगी।

शराब पीने वालों पर पड़ेगा सीधा असर

भारत में शराब के उपभोक्ताओं की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में शराब महंगी होने का सीधा असर उन लोगों की जेब पर पड़ेगा, जो नियमित तौर पर शराब का सेवन करते हैं। अब उन्हें अपनी पसंदीदा शराब खरीदने के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शराब की खपत में बड़ी गिरावट नहीं आती है, तो सरकार के राजस्व में इजाफा हो सकता है और इससे सरकारी खजाने को फायदा मिलेगा।

हालांकि यह भी एक सच्चाई है कि शराब स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह मानी जाती है। देश के कई हिस्सों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध है और डॉक्टर भी इसके सेवन से बचने की सलाह देते हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग शराब पीते हैं। अब देखना यह होगा कि बजट 2026 के बाद बढ़ी हुई कीमतें शराब के शौकीनों को कितना प्रभावित करती हैं और क्या इससे उनकी आदतों में कोई बदलाव आता है या नहीं।