हैदराबाद में अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, दिल्ली की रैली को बताया 'घुसपैठिया बचाओ रैली'

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार, 2 नवंबर को हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का नेतृत्व किया। पदयात्रा के बाद मोजमजाही मार्केट में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। शाह ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक दिन पहले हुई INDIA गठबंधन की रैली को 'घुसपैठिया बचाओ रैली' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध करके मतदाता सूची से बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाने की प्रक्रिया रोकना चाहती है। शाह ने कहा कि भाजपा SIR के समर्थन में खड़ी है और देश की मतदाता सूची में केवल भारतीय नागरिकों को ही वोट देने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को चुनौती देते हुए कहा कि वे जितना जोर लगा लें, भाजपा एक-एक घुसपैठिये को मतदाता सूची और देश से बाहर निकालने के अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेगी। ये अमित शाह के राजनीतिक आरोप और दावे हैं; इन्हें निर्वाचन आयोग की ओर से प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से शुरू हुई पदयात्रा

तेलंगाना भाजपा की ओर से आयोजित यह पदयात्रा 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' नारे के तहत निकाली गई। इसकी शुरुआत बशीरबाग स्थित निजाम कॉलेज के सामने बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा के पास से हुई। मार्च आबिड्स इलाके से गुजरते हुए मोजमजाही मार्केट पर समाप्त हुआ, जहां अमित शाह ने जनसभा को संबोधित किया।

पदयात्रा में केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार और तेलंगाना भाजपा के कई नेता शामिल हुए। शाह ने मार्च के दौरान राष्ट्रीय ध्वज थाम रखा था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कांग्रेस और INDIA गठबंधन की ओर से SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना और भाजपा का पक्ष जनता तक पहुंचाना था।

कांग्रेस की दिल्ली रैली को बताया 'घुसपैठिया बचाओ रैली'

जनसभा में अमित शाह ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई कांग्रेस और INDIA गठबंधन की रैली का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इसे वोट बचाओ रैली बताया था, जबकि भाजपा के नजरिये से यह 'घुसपैठिया बचाओ रैली' थी। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR को रोककर मतदाता सूची में मौजूद बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग विपक्षी दलों के वोट बैंक हैं और भाजपा मतदाता सूची को साफ करने की प्रक्रिया का समर्थन करती है। गृह मंत्री ने दोहराया कि भारत में मतदान का अधिकार केवल देश के नागरिकों को होना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं ने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। इसके जवाब में भाजपा नेताओं का कहना है कि पुनरीक्षण का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और एक से अधिक जगह दर्ज मतदाताओं की प्रविष्टियों की जांच करना है।

13 करोड़ वोट हटाने के आरोप पर अमित शाह ने क्या कहा?

राहुल गांधी के उस दावे का जवाब देते हुए कि SIR के तहत 13 करोड़ वोट काट दिए गए हैं, अमित शाह ने इस आंकड़े को गलत बताया। उन्होंने कहा कि इस संख्या में अलग-अलग श्रेणियों के मतदाता शामिल हैं। शाह के भाषण के मुताबिक, करीब सवा छह करोड़ लोग ऐसे हैं जो अपना पुराना निवास स्थान छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जो व्यक्ति अब किसी दूसरे स्थान पर रहता है, क्या उसका नाम दो जगह मतदाता सूची में बना रहना चाहिए?

गृह मंत्री ने आगे कहा कि लगभग 2.8 करोड़ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे नामों को मतदाता सूची से हटाया जाना चाहिए या नहीं, यह भी उन्होंने सवाल के रूप में उठाया। उनके अनुसार, करीब एक करोड़ प्रविष्टियां डुप्लीकेट हैं, यानी एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक जगह दर्ज है। शाह ने शेष करीब 3 करोड़ नामों को ऐसे लोगों से जोड़ा, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया कि वे मौजूद ही नहीं हैं और बांग्लादेशी घुसपैठिये हैं। हालांकि, इन आंकड़ों को लेकर एक जरूरी तथ्य यह है कि निर्वाचन आयोग के उपलब्ध आंकड़ों में 13.39 करोड़ प्रविष्टियों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। इनमें करीब 6.30 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित, 3.01 करोड़ अनुपस्थित या पता नहीं चल पाने वाले, 2.80 करोड़ मृत और 1.02 करोड़ डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं। शेष प्रविष्टियां अन्य श्रेणियों में आती हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े मसौदा मतदाता सूची के चरण से जुड़े हैं और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के जरिए पात्र मतदाता अपना नाम शामिल कराने का अनुरोध कर सकते हैं। इसलिए अनुपस्थित या पता नहीं चल पाने वाले सभी लोगों को बांग्लादेशी घुसपैठिया मानना निर्वाचन आयोग की आधिकारिक श्रेणी नहीं है।
'SIR नहीं, मतदाताओं की वजह से जीतती है भाजपा'

अमित शाह ने चुनावी जीत को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह आरोप लगा रही है कि भाजपा SIR के कारण चुनाव जीतती है, जबकि नरेंद्र मोदी ने 2014 में भी जीत हासिल की थी और उस समय SIR नहीं हुआ था। शाह ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का भी जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा को देश के मतदाताओं का समर्थन मिला है। उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की चुनावी उपलब्धियों का हवाला दिया। शाह ने कहा कि महाराष्ट्र में 2024 के बाद भाजपा को जीत मिली, हरियाणा में पार्टी ने बड़े बहुमत के साथ सरकार बनाई और दिल्ली में 30 साल बाद भाजपा सत्ता में लौटी। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों का भी उल्लेख किया तथा असम में लगातार तीसरी बार जीत का दावा किया। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए शाह ने कहा कि उन्हें नकली संसद या मॉक पार्लियामेंट में नेता प्रतिपक्ष बनने के बजाय प्रधानमंत्री बनने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी वास्तविक संसद में अपनी बात रखने से बचते हैं और राजनीतिक मुद्दों पर अराजकता के जरिए माहौल बनाने की कोशिश करते हैं।

संसद के विशेष सत्र में चर्चा की चुनौती

गृह मंत्री ने हैदराबाद की सभा से राहुल गांधी को संसद में आकर SIR पर चर्चा करने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुला रही है और विपक्ष को वहां आकर इस विषय पर बहस करनी चाहिए। शाह ने दावा किया कि राहुल गांधी संसद में चर्चा के लिए नहीं आएंगे, क्योंकि उनके मुताबिक विपक्ष केवल बाहर रहकर आरोप लगाता है। उन्होंने कहा कि यदि EVM में गड़बड़ी है, तो कांग्रेस की सरकारें भी सवालों के घेरे में आएंगी। इसी संदर्भ में उन्होंने तेलंगाना, केरल और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत का उल्लेख किया और सवाल किया कि यदि EVM पर भरोसा नहीं है, तो पार्टी इन चुनावों में मिली जीत को कैसे स्वीकार करती है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद कांग्रेस EVM को जिम्मेदार ठहराती है, जबकि जीत मिलने पर उसी व्यवस्था के तहत सरकार बनाती है। यह शाह की ओर से विपक्ष पर किया गया राजनीतिक हमला था।

कांग्रेस पर 12 लाख करोड़ रुपये के घोटालों का आरोप

अपने भाषण में अमित शाह ने कांग्रेस के पिछले शासनकाल को लेकर भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने 10 साल के शासन में 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले किए। इसके विपरीत उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीब 12 साल के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप साबित नहीं हुआ है। शाह ने कहा कि कांग्रेस को जनता ने नकार दिया है और प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता के सामने विपक्ष टिक नहीं पा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे गलत जानकारी फैलाकर चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं। 12 लाख करोड़ रुपये के घोटालों का आंकड़ा शाह का राजनीतिक आरोप है; सभा में इसके समर्थन में अलग-अलग मामलों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया।

तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार पर 'RR टैक्स' का आरोप

अमित शाह ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार हो रहा है और इसके लिए 'RR टैक्स' शब्द का इस्तेमाल किया। शाह ने कहा कि यह रेवंत रेड्डी टैक्स नहीं, बल्कि राहुल गांधी थ्रू रेवंत रेड्डी टैक्स है। उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना की जनता राज्य सरकार को माफ नहीं करेगी। शाह ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य को बेचने की साजिश चल रही है और कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार रोकने में सक्षम नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी या भारत राष्ट्र समिति (BRS) राज्य में कथित भ्रष्टाचार को रोक सकती हैं? इसके बाद उन्होंने कहा कि भाजपा ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसा कर सकती है। ये आरोप शाह ने राजनीतिक सभा में लगाए; भाषण में इनके समर्थन में कोई दस्तावेजी प्रमाण पेश नहीं किया गया।

तेलंगाना में दो-तिहाई बहुमत से भाजपा सरकार बनाने की अपील

अपने संबोधन के आखिर में अमित शाह ने तेलंगाना के भाजपा कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों तक पार्टी का पक्ष पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता कांग्रेस की ओर से फैलाई जा रही भ्रांतियों का जवाब दें और SIR के समर्थन में मजबूती से खड़े रहें। शाह ने राज्य की जनता से तेलंगाना में भाजपा की सरकार बनाने के लिए दो-तिहाई बहुमत देने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में कथित भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को खत्म करने के लिए भाजपा को सत्ता में लाना जरूरी है।