देशभर के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें अब 8वें वेतन आयोग की घोषणा और उसके लागू होने की संभावित तारीख पर टिकी हैं। हर तरफ यही चर्चा है कि “अबकी बार सैलरी में तगड़ा उछाल आएगा।”
केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी बेसब्री से 8वें वेतन आयोग के चेयरमैन की नियुक्ति और टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) के अंतिम रूप लिए जाने का इंतजार कर रहे हैं। यह कोई मामूली संख्या नहीं है – 1.2 करोड़ से भी ज्यादा कर्मचारी और पेंशनधारक इस फैसले की बाट जोह रहे हैं, जो उनकी ज़िंदगी की दिशा ही बदल सकता है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस साल की शुरुआत में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) को हरी झंडी दे दी थी, जिसे 2027 के आसपास लागू किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके लागू होने से पूरे भारत में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि, अभी तक आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस, अध्यक्ष और सदस्यों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, जिस कारण लोग हर दिन किसी नई अपडेट की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
8वां वेतन आयोग आखिर है क्या?वेतन आयोग भारत सरकार द्वारा समय-समय पर गठित वह प्रक्रिया है, जिसके तहत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे की समीक्षा और संशोधन किया जाता है। इसका असर केवल बेसिक पे और भत्तों पर ही नहीं, बल्कि पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स पर भी पड़ता है।
8वां वेतन आयोग, 7वें वेतन आयोग (2016 में लागू) की जगह लेगा। इसके मूल में एक पे मैट्रिक्स सिस्टम होता है, जो कर्मचारी के सेवा स्तर और वर्षों के अनुभव के आधार पर वेतन तय करता है।
इस बार फिटमेंट फैक्टर को 7वें सीपीसी के 2.57 से बढ़ाकर 2.86 किए जाने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि मौजूदा वेतन पर सीधे इतना गुणा किया जाएगा, जिससे सैलरी में बड़ा उछाल आएगा – और यही बात कर्मचारियों में उम्मीद की नई किरण जगा रही है।
कितनी बढ़ सकती है सैलरी – कुछ वास्तविक उदाहरणअब आइए समझते हैं कि ये बढ़ोतरी जमीनी स्तर पर कितनी राहत लेकर आएगी: - लेवल 1 के कर्मचारी, जो वर्तमान में ₹18,000 का मूल वेतन पाते हैं, उनकी सैलरी बढ़कर ₹51,480 तक पहुंच सकती है – यानी लगभग तीन गुना का फायदा।
- लेवल 2 के कर्मचारियों को ₹19,900 से बढ़कर ₹56,914 मिलने की उम्मीद है।
- लेवल 3 पर, ₹21,700 की सैलरी बढ़कर ₹62,062 हो सकती है।
- लेवल 6, जो कि मिड-लेवल अधिकारियों के लिए होता है, वहां ₹35,400 की मौजूदा सैलरी ₹1 लाख से ऊपर पहुंच सकती है।
- और अगर बात करें लेवल 10 की, जिसमें IAS और IPS जैसे अधिकारियों की एंट्री होती है, उनकी सैलरी ₹56,100 से सीधा ₹1.6 लाख तक जा सकती है।