न चाहते हुए भी महिलाएं करती है रिश्ते में समझौता, ये 5 वजह बनती है बड़ा कारण

शादी को सात जन्मों का रिश्ता माना जाता हैं और कहा जाता हैं कि ये जोडियाँ स्वर्ग में बनकर आती हैं। जोडियाँ तो भगवान बना देता हैं लेकिन उनको सँभालने की जिम्मेदारी तो इंसान की ही होती हैं। जी हाँ, शादी का रिश्ता आपसी तालमेल से बना होता हैं। लेकिन अक्सर देखा गया हैं कि रिश्तों में दूरियां बढ़ने और तालमेल ना होने पर रिश्ता टूटने की कगार पर आ जाता हैं। लेकिन महिलाऐं न चाहते हुए भी रिश्ते में समझौता करती हैं और इसे टूटने नहीं देती हैं। आज हम आपको उन्हीं कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं कि आखिर क्यों महिलाएं रिश्ते में समझौता करती है।

बच्चों के भविष्य के लिए
हमारे देश में सिंगल पैरेंट बनकर बच्चे की जिम्मेदारी उठाना बहुत मुश्किल काम माना जाता है। ऐसे में बात जब महिलाओं की हो तो उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। ऐसे में अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के चक्कर में वो खुद का भविष्य अंधकार में धकेल देती हैं।

परिवार का दबाव
आज भी हमारे देश में रिश्ता बनाना आसान और उसे तोड़ना बेहद मुश्किल माना जाता है। अगर कोई महिला अपने रिश्ते से खुश नहीं है और उससे बाहर निकलना चाहती हैं तो उसके परिवार के लोग उसे रिश्ते में बने रहने की सलाह देने लगते हैं। कई बार परिवार के लोग परिवार, समाज और बच्चों का वास्ता देकर उन्हें अपना रिश्ता बचाने के लिए जोर देने लगते हैं।

आर्थिक स्थिति करती है मजबूर
कई बार महिलाएं आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से अपने खर्चों के लिए अपने पार्टनर पर निर्भर हो जाती हैं। जिसकी वजह से अब्यूजिव रिश्ते में रहना उनकी मजबूरी बन जाता है। महिलाएं ये सोचकर कि अगर वो अपने पार्टनर को छोड़कर चली जाएंगी तो उनका और उनके बच्चों का क्या होगा अपने रिश्ते में बनी रहती हैं।

समाज का डर
कई बार महिलाएं समाज के डर से भी कि 'लोग क्या कहेंगे' ये सोचकर अपने हिंसक रिश्ते से बाहर नहीं निकल पाती हैं। इतना ही नहीं कई बार तो वो अपने साथ होने वाले दुर्व्यवहार के बारे में दूसरों से बात करने में भी डरती हैं।

पार्टनर के सुधरने की उम्मीद
ऐसा नहीं है कि इस तरह के रिश्ते में सिर्फ कम पढी लिखी महिलाएं ही फंसी होती हैं। कामकाजी और पढी लिखी महिलाएं भी कई बार ऐसे रिश्तों को मजबूरी में निभाती हैं। इसके पीछे उन्हें अपने पार्टनर के भविष्य में सुधरने की उम्मींद छिपी होती हैं। उन्हें लगता है कि अगर वो अपने पार्टनर को छोड़कर चली जाएंगी तो उनका पार्टनर टूटकर बिखर जाएगा। भावनाओं में बहकर वो सालों साल इस घुटन भरे रिश्ते को निभाती रहती हैं।