मोबाइल हटाते ही बच्चा करता है जिद और रोना? अपनाएं ये 5 आसान तरीके, धीरे-धीरे छूट जाएगी लत

आज के दौर में स्मार्टफोन बच्चों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। ऑनलाइन पढ़ाई, गेम्स, वीडियो और सोशल मीडिया के कारण बच्चे घंटों मोबाइल स्क्रीन से चिपके रहते हैं। धीरे-धीरे यह आदत इतनी बढ़ जाती है कि फोन हाथ से लेते ही बच्चे रोने लगते हैं, गुस्सा करने लगते हैं या जिद पकड़ लेते हैं। लगातार स्क्रीन देखने की यह आदत बच्चों की मानसिक सेहत, व्यवहार और पढ़ाई पर बुरा असर डाल सकती है। ऐसे में माता-पिता के लिए जरूरी हो जाता है कि वे समय रहते बच्चों को मोबाइल की लत से बाहर निकालें। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान और स्मार्ट तरीकों की मदद से बच्चों की यह आदत धीरे-धीरे कम की जा सकती है। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 असरदार टिप्स के बारे में।

बच्चों को रखें ज्यादा एक्टिव


अगर बच्चे दिनभर खाली रहेंगे तो उनका ध्यान बार-बार मोबाइल की तरफ जाएगा। इसलिए जरूरी है कि उन्हें फिजिकल एक्टिविटीज में व्यस्त रखा जाए। बच्चों को बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें और उन्हें साइकिलिंग, स्विमिंग, डांस या किसी स्पोर्ट्स एक्टिविटी से जोड़ें। परिवार के साथ बैडमिंटन, क्रिकेट या अन्य आउटडोर गेम खेलना भी अच्छा विकल्प हो सकता है। जब बच्चे शारीरिक रूप से एक्टिव रहते हैं तो उनका स्क्रीन टाइम अपने आप कम होने लगता है।
मोबाइल इस्तेमाल का तय करें नियम

बच्चों के लिए मोबाइल उपयोग का एक निश्चित समय तय करना बेहद जरूरी है। आप दिन में एक तय समय, जैसे 1 घंटा, स्क्रीन के लिए निर्धारित कर सकते हैं। बेहतर होगा कि इस बारे में बच्चों से बातचीत करके नियम बनाए जाएं ताकि वे खुद को इस फैसले का हिस्सा महसूस करें। सिर्फ नियम बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे लगातार फॉलो करवाना भी जरूरी है। धीरे-धीरे बच्चे सीमित स्क्रीन टाइम की आदत डाल लेते हैं।

नए शौक और हॉबीज की तरफ बढ़ाएं रुचि

मोबाइल से दूरी बनाने का सबसे अच्छा तरीका है बच्चों को किसी क्रिएटिव काम में व्यस्त रखना। उन्हें कहानी की किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करें या ड्रॉइंग, पेंटिंग, म्यूजिक और क्राफ्ट जैसी गतिविधियों में शामिल करें। आप चाहें तो बच्चों को कोई नई स्किल भी सिखा सकते हैं। जब बच्चों को किसी नई चीज में मजा आने लगता है, तो उनका फोकस मोबाइल से हटकर दूसरी एक्टिविटीज पर चला जाता है।

फैमिली टाइम को बनाएं खास

बच्चों को यह महसूस कराना जरूरी है कि खुशी सिर्फ मोबाइल में नहीं, बल्कि परिवार के साथ बिताए समय में भी मिलती है। रोजाना कुछ समय बच्चों के साथ बैठकर बातें करें, साथ खाना खाएं और उनके दिनभर के अनुभव सुनें। वीकेंड पर फैमिली आउटिंग, पिकनिक या छोटी ट्रिप प्लान करें। इससे बच्चों का इमोशनल बॉन्ड मजबूत होगा और वे मोबाइल पर कम निर्भर होने लगेंगे।

अचानक फोन छीनने से बचें


कई बार माता-पिता गुस्से में बच्चों से तुरंत मोबाइल छीन लेते हैं, जिससे बच्चे चिड़चिड़े और नाराज हो जाते हैं। इसकी बजाय समझदारी से काम लेना ज्यादा जरूरी है। बच्चों को पहले से बता दें कि उनका स्क्रीन टाइम खत्म होने वाला है। उन्हें 5 या 10 मिनट पहले रिमाइंड कर दें ताकि वे मानसिक रूप से तैयार हो जाएं। इससे बच्चे धीरे-धीरे समय की अहमियत समझते हैं और अपनी आदतों को कंट्रोल करना सीखते हैं।

अगर सही तरीके और धैर्य के साथ बच्चों को गाइड किया जाए, तो मोबाइल की लत को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जरूरी है कि माता-पिता खुद भी स्क्रीन टाइम को लेकर अच्छा उदाहरण पेश करें, क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने आसपास देखते हैं।