क्या आपका बच्चा भी हो गया किसी बुरी लत का शिकार, समस्या का समाधान करें इस तरह

वर्तमान समय का बदलता माहौल बच्चों के लिए अच्छा नहीं हैं। देखा जा रहा हैं कि आजकल बढ़ते बच्चे जल्द ही गलत लत का शिकार होते जा रहे हैं जो उनकी जिंदगी को बर्बाद करने का काम करेंगे। टीनएजर की उम्र में बुरी लत की तरफ आकर्षण ज्यादा होता हैं। ये बुरी लत बच्चों की सेहत और व्यवहार दोनों के लिए हानिकारक हैं। ऐसे में आपको बच्चों को समझाने और संवाद करने की जरूरत हैं। आज इस कड़ी में हम आपको इसके कुछ तरीकों की जानकारी देने जा रहे हैं।

सवाल-जवाब करना

जब आपको सच्चाई पता चल ही गई है तो बतौर अभिभावक ऐसा बिल्कुल न करें। कई अध्ययन बताते हैं कि गुस्से में की गई बातचीत आपके बच्चे को एडिक्शन की दुनिया में और भी गहरे धकेल देगी। यह काम एक्स्पर्ट पर छोड़ दें क्योंकि यदि स्वयं से आप यह काम करने जाएंगे तो उन्हें लगेगा कि आप भी उन्हें नहीं समझते हैं और अब वे कोई इतने छोटे नहीं हैं कि बात-बात पर उनसे सवाल- जवाब किया जाता है।

काउंसलिंग

इस बात को समझिए कि बच्चे के लिए समय रहते काउंसलिंग कितनी जरूरी है। इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना है। प्रोफ़ेशनल मदद लेना सबसे ज़रूरी क़दम है और इसमें कोई बुराई भी नहीं है। इस समस्या से निपटने का हल ढूंढ़ने के लिए एडिक्शन स्पेशलिस्ट या साइकियाट्रिस्ट से सलाह लें। जितना हो सके उतना एडिक्शन के बारे में पढ़ें और जानें कि यह किस वजह से होता है और कैसे इससे निकला जा सकता है।

संवाद करें

अपने बच्चे की बातें अच्छी तरह सुनें। अक्सर लत की वजह पियर प्रेशर (यह संभवतः शुरुआत करने की वजह हो सकती है) के बजाय आपका बच्चा किस तरह अपने आंतरिक स्थितियों से जूझता है, पर निर्भर करती है। ख़ुद को जांच कर पता करें कि कहीं आप बहुत ज़्यादा नियंत्रण रखनेवाले अभिभावक तो नहीं। यदि ऐसा है तो अपने टीनएजर बच्चे के साथ घुलने-मिलने की पूरी कोशिश करें।

स्थिति संभालने का उपाय खोजें

बच्चों का पालन-पोषण करना, उन्हें सक्षम बनाना और उनकी रक्षा करना अभिभावकों की आम प्रवृत्ति होती है, लेकिन यदि आप अपने बच्चे के बचाव में हर बार खड़े रहेंगे तो वह ज़िंदगी के मुश्क़िल पाठ नहीं पढ़ पाएगा। इसके अलावा ट्रीटमेंट के बाद भी वापस लत की ओर लौटना बहुत आम है इसलिए ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं। डॉक्टर से बात कर पता करें कि इस स्थिति को कैसे संभाला जा सकता है।