क्या उदास रहने लगा हैं आपका बच्चा, इन तरीकों से रखें उनकी खुशियों का ख्याल

बच्चे मन के सच्चे होते हैं, उनके मन में जो होता है वहीँ उनके हावभाव से प्रदर्शित भी होता हैं। यह बचपन का समय अपनेआप में सुनहरा हैं जो लौटकर नहीं आता हैं। ऐसे में पेरेंट्स की जिम्मेदारी बनती हैं कि अपने बच्चों को अच्छी परवरिश देने के साथ ही उनकी खुशियों का ख्याल भी रखा जाए। माता-पिता अपने बच्चे को खुश रखने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं लेकिन हर पेरेंट के लिए यह समझ पाना मुश्किल है कि बच्चे को क्या चीज सबसे ज्यादा खुशी देती है। कई बार बच्चे कुछ साधारण कारणों से उदास रहने लगते हैं जिन्हें समझकर दूर करना जरूरी होता हैं। आज इस कड़ी में हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे बच्चों की उदासी दूर करते हुए उन्हें हंसमुख बनाया जाए। आइये जानते हैं इसके बारे में...

बच्चों की बात को दें तवज्जो

कई बार पेरेंट्स बच्चों की बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। जिसके चलते बच्चे माता-पिता से बातें शेयर करना बंद कर देते हैं। ऐसे में बच्चों का कॉन्फीडेंस कम होने लगता है और बच्चे बाहर भी खुलकर बात नहीं कर पाते हैं। इसलिए बच्चों की बातों को महत्व देकर आप उन्हें खुश और कॉन्फीडेंट रख सकते हैं।

जरूरत हैं आपके साथ की


अपने बच्चे को हमेशा ये एहसास दिलाते रहें कि आप उनके साथ हैं। उन्हें बताएं कि उनकी हर मुश्किल में आपका सपोर्ट उन्हें मिलता रहेगा। इससे बच्चा खुलकर अपने मन की बात आपकाे बता पाएंगे। बच्चों को अपनी बातों से ये एहसास करवाएं कि वो आपसे अपनी हर तरह की परेशानी शेयर कर सकता है। इससे बच्चे को टीएनज में होने वाली कई परेशानियों को ठीक तरह से हैंडल करने में मदद मिलेगी। यकीन मानिए आपके बच्चे के लिए आपका सपोर्ट बहुत जरूरी होता है।

पॉजिटिव रहने की सलाह दें

बच्चे अक्सर कुछ दोस्तों को देखकर चिढ़ने लग जाते हैं। ऐसे में बच्चे के अंदर द्वेष की भावना पैदा होती है और बच्चे निगेटिविटी का भी शिकार हो सकते हैं। इसलिए बच्चों को सभी का सम्मान करना और सभी के साथ प्यार से रहने की सलाह दें। इससे बच्चों का माइंडसेट पॉजिटिव रहेगा और बच्चे हमेशा खुश भी रहेंगे।

बच्चे की प्रशंसा करे

बच्चों की तारीफ करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। जब आपका बच्चा कोई अच्छा काम करता है, तो उसे प्रोत्साहित करें और उसकी
प्रशंसा करें, वास्तव में, यह बच्चे को बार-बार वही व्यवहार करने की कोशिश करता है। इससे बच्चों में अच्छी आदतें विकसित हो सकती हैं। जब भी आपका बच्चा कड़ी मेहनत से कुछ हासिल करना चाहता है, तो माता-पिता को इसकी सराहना करनी चाहिए। इससे बच्चे को पता चलता है कि उसके माता-पिता उसकी मेहनत पर ध्यान दे रहे हैं। इसी के साथ वह उस काम को और भी डेडिकेशन के साथ करते हैं।

बच्चों को डांटने से बचें

कई बार बच्चे अपनी फीलिंग्स पेरेंट्स से शेयर करना चाहते हैं। मगर पेरेंट्स बच्चों को डांटकर चुप करवा देते हैं। ऐसे में बच्चे पेरेंट्स से काफी कुछ छुपाना शुरू कर देते हैं। जिसके चलते नादानी में बच्चे कुछ बड़े हादसों का भी शिकार हो सकते हैं। ऐसे में बच्चों को खुश रखने के लिए उनकी बातों को ध्यान से सुनना जरूरी होता है।

मदद के लिए बढ़ाएं हाथ

पेरेंट्स तो हमेशा अपने बच्चों की मदद के लिए दिन-रात खड़े रहते हैं लेकिन कई बार इतनी हेल्प काफी नहीं होती है। कई बार बच्चों को प्रोफेशनल हेल्प की जरूरत पड़ती है। स्कूल में कोई बात होने, किसी बच्चे के परेशान करने, टीचर के डांटने या घर में ही किसी सदस्य के चुपचाप परेशान करने की वजह से बच्चा दुखी या उदास रह सकता है।

आप खुश तो बच्चा खुश

हर व्यक्ति को कोई न कोई टेंशन होती है, लेकिन आपको उस टेंशन को बच्चों के सामने जाहिर करने से बचना होगा। बच्चे अपने माता-पिता का ही अनुकरण करते है इसलिए अगर आप ही खुश नहीं हैं तो बच्चे कैसे खुश रह सकते हैं। अगर आप खुद परेशान, डरे हुए और चिंतित हैं तो यह उम्मीद करना बेमानी है कि आपका बच्चा खुश रहेगा। अगर वह आपको उदास देखेगा तो खुद भी दुखी होगा। इसलिए जरूरी है कि आप खुश रहें इससे बच्चे के चेहरे पर भी मुस्कान बनी रहेगी।