Valentine Special : समय के साथ पति-पत्नी ले ये 7 वचन, बनाए रिश्ते को मजबूत

आज जब हर कामकाजी जोड़ा कई तरह की परेशानियों से जूझता है तो ऐसे में जरूरी है कि पति-पत्नी के बीच की समस्याओं को बारीकी से समझा जाए और नए सिरे से समस्याओं का हल निकाला जाए। शादी करते वक्त पति और पत्नी 7 वचन लेते हैं। तो क्यों ना वैलेंटाइन डे पर इन वचनों में थोड़े से संशोधन किए जाएं। और उन्हें जीवन में उतारने की कोशिश करें। तो आइये जानते हैं कौनसे हो सकते हैं ये 7 वचन।

पहला

आभार-एक दूसरे को पा लेने के लिए ईश्वर के आभार के साथ, अब साथ मिलकर उन सब का आभार मानें जो आप दोनों के अपने हैं। प्यारे से ग्रीटिंग कार्ड्स लें और कुछ अपनेपन में भीगे शब्द लिखें। आप दोनों का यह पहला साझा कदम उनके दिलों में हमेशा के लिए छाप छोड़ देगा और आपके रिश्ते खिल उठेंगे।
दूसरा

उत्सव साथ में मनाएं- अमूमन हर त्योहार हर पति-पत्नी साथ में मनाते हैं । होली, दीपावली जैसे त्योहारों की रवायतें भी हैं। कोशिश करें कि एक त्योहार पति के घर में मने, तो एक पत्नी के मायके जा कर मनाएं। बेटी-दामाद के साथ होने से त्योहार की ख़ुशी दोगुनी होगी।साल में एक बार एक भजन संध्या करें, दीप-यज्ञ करें, कथा या कोई भी एक आध्यात्मिक प्रसंग का आयोजन करें। इससे वातावरण में सकारात्मकता फैलती है।

तीसरा

सेहत का साझा वादा-स्वस्थ रहना, आप दोनों के खुशहाल जीवन के सपनों को साकार करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम होगा । साथ में टहलना, जिम जाना, खाने-पीने की आदतों को सही रखना आप दोनों को हर तरह जोड़ेगा। एक-दूसरे की परवाह करना, आप दोनों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ेगा। एक व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब हो तो उससे घर का हर सदस्य परेशान होता है।

चौथा आर्थिक संबल

दोनों मिलकर अपनी प्राथमिकता तय करें। खर्च, बचत की स्पष्ट समझ रखें। बजट बनाकर रखें। कर नियोजन करें। क्रेडिट कार्ड्स के खर्चों पर कड़ी नजर रखें। भविष्य में आने वाली बड़ी ज़िम्मेदारियों का ध्यान रखें। अपने खर्च और वित्त व्यवस्था से जुड़ी हर जानकारी लिखित रखें। अपने बैंक खाते, निवेश की जानकारी एक-दूसरे को पता हो। मुद्दे की बात यह है कि शुरुआत से ही अपनी आदतें व्यवस्थित रखें। आपसी विश्वास को धन संबंधी पारदर्शिता से मजबूत बनाएं।

पांचवा

दोस्ती भी, रिश्ता भी-पति-पत्नी पहले अच्छे दोस्त हों, यह कोशिश होनी चाहिए। जीयें और जीने दें। एक दोस्त की तरह अपने पार्टनर को सुन, समझ पाएं। बिना किसी तरह की राय बनाएं, तो क्या बात है। हर समय साथ रहने पर ऐसा होना मुश्किल तो है पर नामुमकिन नहीं। ख़ुद का फ्रेंड सर्किल बनाएं, अपनी हॉबीज को वक्त दें और खुद के लिए समय निकालें, तब सब मुमकिन है।

छठा सैर से रिश्ता हो ताज़ा

नई जगहों पर जाने के फ़ायदे कौन नहीं जानता? सैर सिर्फ़ मज़े के लिए नहीं होती। यह आपकी सोच का दायरा बढ़ाती है, सहनशीलता, दूरदर्शिता व बुद्धिमता भी बढ़ाती है। आप एक बेहतर इंसान बनते हैं। अच्छे वैवाहिक जीवन के लिए यह बहुत जरूरी है तो वादा करें कि आप हर साल किसी नई जगह जरूर जाएंगे।

सातवां देने का सुख लें


दूसरों के चेहरों पर मुस्कराहट ले आने से जीवन के तनाव छूमंतर हो जाते हैं। जिंदगी को एक लक्ष्य भी मिलता है आपके अंदर, दूसरों को खुश देखने की भावना को बल मिलता है। यही तो है खुशनुमा जीवन का रहस्य। तो साझा उद्देश्यों में से एक इसे भी अपनाएं।