माउंट एवेरेस्ट के रोचक तथ्य जिनसे आप अबतक थे अनजान, जानें यहां

माउंट एवरेस्ट ऐसी चीज है जिस पर चढ़कर बहुत से आदमी प्रसिद्ध हो चुके है.क्यूंकि माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना हर किसी के लिए एक बड़ी बात होती है। ये दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत है जिसकी समुंद्र तल से ऊंचाई 8,850 मीटर है और नेपाल में स्थित है। जिसकी पूरे विश्व में लोकप्रियता है। आज हम आपको माउंट एवरेस्ट से जुड़े कई रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं जिनके बारे में आप शायद नहीं जानते होंगे।

अन्य नाम सागरमाथा

माउंट एवरेस्ट पर्वत को नेपाल के लोग सागरमाथा भी कहते है। ये नाम नेपाल के इतिहासकार बाबुराम आचार्य ने साल 1930 के दशक में रखा था। सागरमाथा का अर्थ होता है – स्वर्ग का शीर्ष। वहीं संस्कृत में एवरेस्ट पर्वट को देवगिरि और तिब्बत में सदियों से चोमोलंगमा यानी की पर्वतों की रानी कहते हैं।
डेथ जोन
एवरेस्ट पर सबसे ज्यादा मौते शिखर के करीब के हिस्से में होती है जिसे डेथ जोन भी कहा जाता है। लोग अकसर चढ़ाई करने के समय गलती करके अपनी जान गंवा बैठते है।एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचने के लिए 18 अलग अलग रास्ते हैं।
चढ़ने और उतरने का समय

एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने के लिए 2 महीने का समय लगता है और एक आदमी का खर्च लगभग 80 लाख रूपए आता है। इसमें नेपाल की हवाई यात्रा भी शामिल हैं।एवरेस्ट की चोटी से नीचे उतरने के लिए 3 दिन का समय लगता है लेकिन 2011 में 2 नेपाली लोगों ने पैरागलाडिंग की सहायता से मात्र 48 मिनट में नीचे उतर आए थे।

ऊंचाई
एवरेस्ट पर्वत समुन्द्र तल के हिसाब से दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत हैं, पर अगर बात तल से लेकर शिखर तक की ऊंचाई की जाए तो हवाई द्वीप समूह का माउना केआ पर्वत माउंट एवेरेस्ट से भी एक किलोमीटर लम्बा हैं। माउना केआ पर्वत का लगभग 6000 मीटर का हिस्सा समुन्द्र में हैं और बाकि समुन्द्र से बाहर। समुन्द्र तल से इसकी ऊंचाई 4207 मीटर हैं।
गठन का कारण
वरेस्ट 60 मिलियन साल पुराना है हर वक्त यहाँ बर्फबारी होते रहती है। एवरेस्ट पर्वत का गठन का कारण है, जब लोरेशिया का महाद्वीप टुटा तो वह एशिया के उत्तर दिशा के तरफ बढ़ते हुए उससे जा टकराया। पृथ्वी के भू- पटल की दो प्लेटों के बीच का समुद्र तल टूट गया और भारत उत्तरी किनारों में फ़ैल गया, इस तरह से माउंट एवरेस्ट और हिमालय पर्वत की उत्त्पति हुई।