सर्दियों की दस्तक के साथ ही देश के कई हिस्सों में ठंड अपना असली रूप दिखाने लगती है। तापमान में तेज गिरावट आम जनजीवन को प्रभावित करती है और कई क्षेत्रों में पारा शून्य डिग्री से भी नीचे चला जाता है। बर्फबारी, जमा देने वाली ठंडी हवाएं और जमी हुई सतहें इन इलाकों की पहचान बन जाती हैं। यही वजह है कि इन स्थानों को भारत की सबसे ठंडी जगहों में गिना जाता है, जहां सर्दी सिर्फ मौसम नहीं बल्कि एक चुनौती बन जाती है।
मनालीठंडे इलाकों की बात हो और मनाली का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं। सर्दियां शुरू होते ही यहां बर्फ की मोटी चादर बिछ जाती है। रात के समय तापमान अक्सर शून्य के आसपास पहुंच जाता है। इसी वजह से सर्दियों में यहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है, जो बर्फबारी और हिमाचल की सर्द खूबसूरती का आनंद लेने आते हैं।
कुलगामकश्मीर के कुलगाम में ठंड का असर बेहद तीखा होता है। रात के समय तापमान इतना गिर जाता है कि लोग घरों से बाहर निकलने से बचते हैं। कड़ाके की सर्दी के कारण रोजमर्रा की गतिविधियां भी धीमी पड़ जाती हैं और जीवन पूरी तरह मौसम के हिसाब से ढल जाता है।
गंगटोकसिक्किम की राजधानी गंगटोक में सर्दियों का मिजाज थोड़ा अलग होता है। यहां तापमान दिनभर बदलता रहता है। सुबह मौसम कुछ हद तक सामान्य लगता है, लेकिन शाम ढलते ही ठंड तेजी से बढ़ जाती है। पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां ठंडी हवाएं सर्दी का एहसास और गहरा कर देती हैं।
धर्मशालाधर्मशाला में सर्दियों के दौरान तापमान में अचानक गिरावट लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है। रात होते-होते ठंड अपने चरम पर पहुंच जाती है। यहां का मौसम भी पल-पल बदलता रहता है, जिससे ठंड का असर और ज्यादा महसूस होता है।
बारामूलाबारामूला में सर्दियों का दौर बेहद कठोर होता है। तापमान में लगातार गिरावट के कारण सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं। जनवरी का महीना यहां के लोगों के लिए सबसे ज्यादा मुश्किल भरा माना जाता है, जब ठंड अपने चरम पर होती है।
श्रीनगरश्रीनगर की सर्दियां अपनी अलग पहचान रखती हैं। यहां इतनी जबरदस्त ठंड पड़ती है कि प्रसिद्ध डल झील तक पूरी तरह जम जाती है। जमी हुई झील और चारों ओर बर्फ से ढके दृश्य इस शहर को सर्दियों में बेहद खास बना देते हैं।
सोपोरसोपोर में ठंडी हवाओं और बर्फबारी का असर हर तरफ दिखाई देता है। भारी बर्फ गिरने के कारण लोगों के लिए बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। पूरे इलाके में सर्दी का कहर साफ नजर आता है।
ख्वाजा बागबारामूला जिले में स्थित ख्वाजा बाग को अत्यधिक ठंड के लिए जाना जाता है। यहां सर्दियों में हालात ऐसे हो जाते हैं कि पानी की पाइपलाइन तक जम जाती है। इससे दैनिक कामकाज में लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
दार्जिलिंग और बांदीपुरादार्जिलिंग में ठंड का असर काफी तीव्र रहता है और कई बार यहां बर्फबारी भी देखने को मिल जाती है। वहीं दूसरी ओर बांदीपुरा में वुलर झील के आसपास का क्षेत्र सर्दियों में बेहद ठंडा हो जाता है, जहां ठंडी हवाएं और नमी मिलकर सर्दी को और ज्यादा बढ़ा देती हैं।