ये किले कभी भारत की शान बढ़ाते थे, आज पाकिस्तान के पर्यटन का केंद्र हैं

भारत को विश्वभर में उसकी संस्कृति और स्वरुप के लिए जाना जाता हैं और इसी को देखने के लिए लोग विदेशों से भारत में आते हैं। आपने देश के कई किले देखें होंगे और उनके बारे में जानते भी होंगे। देश के ये किले देश की शान में इजाफा करते हैं। लेकिन आज हम जिन किलों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं वो कभी भारत की शान हुआ करते थे और आज वो पाकिस्तान के मशहूर टूरिस्ट प्लेस माने जाने लगे हैं। जी हाँ, आज हम आपको उन किलों के बारे में बताने जा रहे हैं जो बंटवारे से पहले भारत में आते थे लेकिन आज पाकिस्तान के पर्यटन का केंद्र हैं।

* हावलपुर, दरावड़ किला


पाकिस्तान बहावलपुर के डेरा नवाब साहिब में स्थित दरावड़ किला कभी भारत का हिस्सा हुआ करता था। 30 मीटर ऊंची दीवारों वाले इस किले का निर्माण जैसलमेर के राजपूत राय जज्जा भाटी ने करवाया था, जोकि कब्जे से पहले रॉयल फैमिली का महल था।

* करीमाबाद, अल्तीत फोर्ट

900 साल पुराना अल्तीत फोर्ट पाकिस्तान के गिलगित-बल्टिस्तान की हुंजा वैली करीमाबाद में स्थित है, जिसे पुराना मॉन्युमेंट भी कहा जाता है। टूरिस्टों में फेमस यह महल भी कभी भारत का ही हिस्सा था लेकिन बंटवारे के बाद इसे पाकिस्तान की शान माना जाता है।

* बहावलपुर, सादिक गढ़ पैलेस

पाकिस्तान के मशहूर किलो में से एक सादिक गढ़ पैलेस बहावलपुर में स्थित है। चारों से लंबी दीवारों और गार्डन से घिरा यह किला बहुत ही खूबसूरत है।

* झेलम, रोहतास फोर्ट

झेलम शहर के दीना टाउन के पास मौजूद यह रोहतास फोर्ट काफी फेमस है। सीढीदार दीवार और लगभग 12 गेट्स वाले इस महल को देखने के लिए भी टूरिस्ट दूर-दूर से आते है।

* बहावलपुर, नूर महल

बहावलपुर में स्थित ब्रिटिश काल में बने इस महल की बनावट इटली के महलों जैसी है। पाकिस्तान आर्मी की संपति बन चुके इस महल को गेस्ट हाउस के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

* मुजफ्फराबाद, लाल किला

मुजफ्फराबाद शहर में स्थित इस शानदार लाल किले को मुजफ्फराबाद किले के नाम से भी जाना जाता है। यह खूबसूरत किला तीन तरफ से नीलम नदी से घिरा हुआ है।

* सिंध, फैज किला

पाकिस्तान सिंध में मौजूद 200 साल पुराना यह किला वहां के कई खूबसूरत किलों में से एक हैं। खहीर पुल की शाही परिवार द्वारा 1798 में बनवाए इस किले को अरमगढ़ किले के नाम से भी जाना जाता है।